1st Bihar Published by: First Bihar Updated Nov 10, 2023, 7:03:28 PM
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PATNA: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि महिलाओं और दलितों को अपमानित करने वाले शर्मनाक बयानों के बाद पीएम-पद का उम्मीदवार होना तो दूर नीतीश कुमार के इंडी गठबंधन का संयोजक बनने की रही-सही संभावना भी खत्म हो गई है। उनके ओछे भाषण से देश-विदेश में बिहार के मुख्यमंत्री का पद लांछित हुआ है।
सुशील मोदी ने कहा कि महादलित समाज के जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाकर नीतीश कुमार ने कोई एहसान नहीं किया, बल्कि उस समय जदयू में विद्रोह टालने के लिए पद छोड़ना और एक पॉकेट सीएम बैठाना उनकी राजनीतिक कलाबाजी या मजबूरी थी। 2014 के संसदीय चुनाव की नमो-भाजपा लहर में जदयू के केवल दो सीट जीतने से हतप्रभ नीतीश कुमार ने अपनी डूबती नैया बचाने के लिए दलित मुख्यमंत्री का कार्ड खेला था। तब मुख्यमंत्री जिस बात पर सीना फुला रहे थे, आज वे उसी बात के लिए मांझी पर अंगुली उठाते हुए अपनी मूर्खता क्यों बता रहे हैं?
उन्होंने कहा कि महिलाओं पर जिस अश्लील टिप्पणी के लिए नीतीश कुमार खुद अपनी निंदा करते हुए क्षमा मांग चुके हैं, उसे जायज ठहराने के लिए राजद-जदयू के लोग बड़ी बेशर्मी से एनसीईआरटी और सेक्स एजुकेशन की किताबें दिखाते फिर रहे हैं। सुशील मोदी ने कहा कि वे बहुत करीब से नीतीश कुमार को पिछले 40 वर्षों से जानते हैं, लेकिन उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि हमेशा संतुलित बोलने वाले एक शालीन व्यक्ति का लालू प्रसाद की संगत में जाने पर ऐसा अधोपतन होगा, आज उन पर दया आती है।