1st Bihar Published by: SAURABH Updated Sep 24, 2022, 8:56:20 AM
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SITAMARHI: सीतामढ़ी में गैंगरेप के विरोध करने पर नाबालिग लड़की के जिंदा जलाने के मामले में सीतामढ़ी पुलिस का सनसनीखेज खुलासा सामने आया है. 12 डिसमिल जमीन के लिए चल रहे विवाद को लेकर नाबालिग के पिता ने अपने दुश्मनों को फसने के लिए दुष्कर्म का विरोध करने पर अपनी बेटी के जिंदा जलाने की झूठी कहानी रच दी. दरअसल पीड़िता त्यौहार के दिन प्रसाद बना रही थी और इसी दौरान आग लगने से वह जल गई थी. लड़की की मौत इलाज के दौरान मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में हो गई. इसके बाद पिता ने अपने दुश्मनो के खिलाफ झूठी कहानी रच दी.
पीड़िता और उसके पिता ने अपना एक फर्द बयान अहियापुर थाने को दिया, जिसमें गांव के ही संजय कुमार, अशोक कुमार, रामबचन राय, नवल राय चारों को आरोपित किया था. फर्द बयान में यह आरोप लगाया गया था कि साग तोड़कर लौटते वक्त चारों ने लड़की के साथ जबरन गैंग रेप का प्रयास किया. इसका विरोध करने पर किरोसिन तेल छिड़ककर आग लगा दी गई. इस आधार पर पोक्सो एक्ट की तहत मामला दर्ज कर सीतामढ़ी पुलिस ने आगे की जांच शुरू की. इस मामले में परत दर परत सच का खुलासा सामने आता गया. जब पुलिस इस मामले की जांच करने के लिए सीतामढ़ी जिले के पुपरी पहुंची तो मालूम हुआ कि जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है वह आपस में चारों सगे भाई हैं और पीड़िता के पिता से उनका 12 डिसमिल जमीन का विवाद चल रहा है.
इस घटना में आरोपित चारों में से दो शख्स दूसरे प्रदेश में कई महीनों से सब्जी बेचने का काम करते हैं. घटना गंभीर थी जिसके कारण सीतामढ़ी एसपी ने FSL टीम को बुलाया और मौके वारदात से जब एफएसएल टीम ने जांच के लिए सेंपल इकट्ठा किए तो मामला कुछ और निकला. आसपास के लोगों ने भी घटना से जुड़ी सारी कहानी बता दी, जिससे अनुसंधान के क्रम में यह बातें सामने आई कि त्यौहार के दिन लड़की खाना बनाने के दौरान जल गई थी. जिसको दुष्कर्म का विरोध करने पर जिंदा जलाने का रूप दिया जा रहा है. फिलहाल इस मामले में पुलिस ने लड़की की मौत के कुछ घंटों बाद पूरे घटनाक्रम से पर्दा उठा दिया और हिरासत में दिए गए दोनों शख्स को भी पुलिस ने निर्दोष पाए जाने पर छोड़ दिया है. सीतामढ़ी एसपी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस मामले से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध कराई है.