1st Bihar Published by: First Bihar Updated Oct 19, 2024, 7:16:36 AM
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DESK : पीएम मोदी मोदी शनिवार को ‘कर्मयोगी सप्ताह’ यानी राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह की शुरुआत करेंगे। इसके तहत लोक सेवकों के लिए व्यक्तिगत और संगठनात्मक क्षमता विकसित करने की दिशा में नए सिरे से प्रोत्साहन देने की कवायद की जाएगी। कार्यक्रम के तहत प्रत्येक सरकारी कर्मचारी को सप्ताह के दौरान चार घंटे की योग्यता-संबंधी शिक्षा लेना अनिवार्य होगा। वहीं सेमिनार और कार्यशालाओं का आयोजन होगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा यह कार्यक्रम शनिवार को राजधानी के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित किया जाएगा। एनएलडब्ल्यू अपनी तरह की एक अनूठी पहल है, जो सिविल सेवकों सहित सभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों को व्यक्तिगत और संगठनात्मक क्षमता विकास की दिशा में प्रेरित करेगी। एनएलडब्ल्यू का उद्देश्य सिविल सेवकों की क्षमता निर्माण और सीखने को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम के तहत प्रत्येक सरकारी कर्मचारी को सप्ताह के दौरान चार घंटे की योग्यता-संबंधी शिक्षा लेना अनिवार्य होगा। विभिन्न मंत्रालय और विभाग विशिष्ट दक्षताओं को बढ़ाने के लिए कार्यशालाएं और सेमिनार आयोजित करेंगे। मिशन कर्मयोगी की शुरुआत सितंबर 2020 में हुई थी। यह पहल सीखने और विकास के लिए नए सिरे से प्रतिबद्धता को प्रोत्साहित करेगी। एनएलडब्ल्यू का लक्ष्य "एक सरकार" का संदेश देना, सभी को राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ जोड़ना और आजीवन शिक्षण को बढ़ावा देना है। एनएलडब्ल्यू प्रतिभागियों और मंत्रालयों, विभागों व संगठनों के साथ मिलकर विभिन्न रूपों के माध्यम से सीखने के लिए समर्पित होगा।
वहीं, भाजपा ने भी एक्स पोस्ट कर बताया कि पीएम मोदी 10 अक्टूबर को 'कर्मयोगी सप्ताह'- राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह का शुभारंभ करेंगे। इसका कार्यक्रम नई दिल्ली में डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम से देशभर के बड़ी संख्या में सिविल सेवक भी जुड़ेंगे, साथ ही वह अपने अनुभव भी लोगों के साथ साझा करेंगे।