राहुल गांधी की सदस्यता जाने पर गर्म हुई सियासत, बीजेपी बोली- करनी का फल भोग रहे पूर्व सांसद

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 24, 2023, 6:55:42 PM

राहुल गांधी की सदस्यता जाने पर गर्म हुई सियासत, बीजेपी बोली- करनी का फल भोग रहे पूर्व सांसद

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PATNA: आपराधिक मानहानि के मामले में सूतक की कोर्ट से दो साल की सजा होने के बाद राहुल गांधी की संसद सदस्यता खत्म हो गई है। लोकसभा की सदस्यता खत्म होने के बाद पूरे देश की सियासत गर्म हो गई है। कांग्रेस समेत विरोधी दल के नेता इसके लिए केंद्र की सरकार और बीजेपी को दोषी बता रहे है। कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार किया है। पटना पहुंचे गिरिराज सिंह और रविशंकर प्रसाद ने एक साथ हमला बोला और कहा कि राहुल गांधी को उनकी करनी का फल मिला है, इससे बीजेपी या केंद्र सरकार का कोई लेना देना नहीं है।


राहुल गांधी ने न्यायालय का अपमान किया था। कोर्ट ने उन्हें माफी मांगने के लिए मोहलत भी दी लेकिन राहुल गांधी ने माफी नहीं मांगी। उन्होंने कहा क राहुल गांधी अपने किए का फल भोग रहे हैं। राहुल गांधी ने सदन के अंदर जो बिल को फाड़ा था, यह वही अध्यादेश था। वहीं कांग्रेस के यह कहने पर कि केंद्र की सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है, इसपर गिरिराज सिंह ने कहा कि जिसकी जैसी सोच होती है वह उसी तरह की बातें करता है। वहीं तेजस्वी यादव के द्वारा तमाम गुजरातियों को ठग बताने के सवाल पर गिरिराज ने कहा कि विरोधी बीजेपी और प्रधानमंत्री के खिलाफ क्या कुछ नहीं बोलते रहते हैं लेकिन गुजराती समाज को गाली देना उचित नहीं है। 


वहीं बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पटना साहिब के पूर्व सांसद रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस के आरोपों पर जोरदार हमला बोला। रविशंकर ने कहा कि राहुल गांधी विदेशों में जाकर भारत के लोकतंत्र को अपमानित करते हैं। उन्हें देश की जनता वोट दे तो ठीक है नहीं तो लोकतंत्र को गड़बड़ बताते हैं। मीडिया अगर उनकी बड़ाई करे तो ठीक है और अगर आलोचना करे तो गलत है। कांग्रेस सासंदों ने राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बोलने से रोक दिया था। राहुल गांधी को अयोग्य घोषित किया जाना कोई पहली घटना नहीं है, इस तरह की चीजें पहले भी हो चुकी हैं। अगर कोई गलत बात बोलेगा तो कानून अपना काम जरूर करेगा। वहीं तेजस्वी द्वारा गुजरातियों को ठग बताने के सवाल पर रविशंकर ने कहा कि अगर तेजस्वी ने ऐसी बात कही है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है।