Bihar Politics :ओसामा और हिना के साथ आने से मिलेगी RJD को मजबूती, बोले लालू यादव ... यह परिवार कभी नहीं था हमसे दूर

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Oct 27, 2024, 10:28:00 AM

Bihar Politics :ओसामा और हिना के साथ आने से मिलेगी RJD को मजबूती, बोले लालू यादव ... यह परिवार कभी नहीं था हमसे दूर

- फ़ोटो

PATNA : पटना में 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास में तेजस्वी यादव खुद ओसामा शहाब को पार्टी की सदस्यता दिलाएंगे। इसको लेकर रविवार की सुबह 10:45 बजे एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया है। इससे पहले राजद के सुप्रीमो लालू यादव ने कहा कि ओसामा और हिना के साथ आने से पार्टी तो मजबूत होगी ही इसमें कहीं कोई शक नहीं है। 


इसके अलावा जब लालू यादव से सवाल किया गया कि यह लोग काफी दिनों से आपके साथ में नहीं थे तो लालू ने कहा कि यह लोग हमसे दूर नहीं थे। बल्कि अब पहले से अधिक करीब आ गए हैं तो यह अच्छी बात है। यह परिवार कभी भी हमसे दूर नहीं था। शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब 27 अक्टूबर को लालू प्रसाद यादव की पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं। उनके साथ उनकी मां हिना शहाब भी रहेंगी। 


वहीं, 2025 के बिहार विधानसभा से पहले राजद के लिए यह एक बड़ी घटना है। ओसामा के राजद में शामिल होने के बाद अब ये कहा जा रहा है कि राजद उन्हें 2025 में चुनाव मैदान में उतार सकती है। अब देखना होगा कि पार्टी में शामिल कराने के बाद ओसामा शहाब को कितनी तवज्जो दी जाती है। ऐसा कहा जा रहा है कि बिहार में इन दिनों मुस्लिम वोट बैंक को लेकर खूब सियासत हो रही है। चर्चा है कि मुस्लिम वोटर का एक वर्ग तेजस्वी यादव से छटक रहा है। ऐसे में अब ओसामा शहाब का राष्ट्रीय जनता दल में शामिल होना बताता है कि तेजस्वी यादव अपने कोर वोटर एमवाई समीकरण को छटकने नहीं देना चाहते हैं। 


इधर, लालू प्रसाद यादव और शहाबुद्दीन के बीच की जो रिश्ते थे, वह जगजाहिर है हाल के समय में पारिवारिक और राजनीतिक तौर पर दोनों ही परिवारों में काफी दूरियां हो गई थी. बागी तेवर अपना कर दिवंगत नेता शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब ने 2024 के लोकसभा चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़ीं। हालांकि हार गई थीं। अब खबर है कि दोनों परिवारों के बीच जो दूरियां थीं वह कम हो चुकी हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में दोनों परिवारों में काफी तल्खी दिखी थी। राजद की ओर से हिना शहाब को लोकसभा का टिकट दिया जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। टिकट नहीं मिला तो उन्होंने निर्दलीय ही मैदान में उतरने का फैसला लिया था।