RJD से झटका मिलने के बाद कांग्रेस का प्लान B, अगले हफ्ते परिषद उम्मीदवारों का एलान

1st Bihar Published by: Updated Feb 14, 2022, 8:19:44 AM

RJD से झटका मिलने के बाद कांग्रेस का प्लान B, अगले हफ्ते परिषद उम्मीदवारों का एलान

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PATNA : बिहार में विधान परिषद चुनाव को लेकर जबरदस्त सियासी सरगर्मी देखने को मिल रही है. उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं लेकिन बिहार की राजनीति इन दिनों विधान परिषद चुनाव को लेकर गरमाई हुई है. राष्ट्रीय जनता दल ने स्थानीय निकाय कोटे से बिहार विधान परिषद की 24 सीटों पर चुनाव होना है. उसके लिए अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है. आरजेडी ने कुल 21 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं. एक से लेफ्ट को दी है जबकि 3 सीटों को खाली छोड़ दिया है. 


ऐसे में अब तक आरजेडी से उम्मीद पाले बैठे कांग्रेस को परिषद चुनाव में झटका लग गया है. इसके बाद निराश कांग्रेस के नेता प्लान B को एक्टिवेट करने में जुट गए हैं. कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों की मानें तो अगले हफ्ते पार्टी की तरफ से विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी जाएगी. प्रदेश नेतृत्व उम्मीदवारों की लिस्ट को फाइनल करने में जुटा हुआ है और जल्द ही या लिस्ट पार्टी आलाकमान को सौंप दी जाएगी. 


कांग्रेस के नेताओं ने गठबंधन के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाया. दिल्ली में लालू यादव से मुलाकात करने की कोशिश की लेकिन ना तो आरजेडी सुप्रीमो और ना ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कांग्रेस को भाव दिया. उसके बाद कांग्रेस के नेता सभी सीटों पर उम्मीदवार देने की तैयारी में जुट गए. इसके लिए उम्मीदवारों का बायोडाटा भी लिया जाने लगा अब जबकि आरजेडी ने 20 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, ऐसे में कांग्रेस से भी जल्द अपनी लिस्ट फाइनल करना चाहती है.


कांग्रेस के नेता कह रहे हैं कि 20 फरवरी के पहले वह औपचारिक तौर पर अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर देंगे. पार्टी के अंदर कई नामों की चर्चा भी है लेकिन अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान को करना है. 


आपको बता दें कि आरजेडी से गठबंधन को लेकर कांग्रेस के अंदर एक खेमा हर कीमत पर आरजेडी से गठबंधन चाहता है क्योंकि इससे कांग्रेस को बिहार में फायदा हो सकता है लेकिन दूसरा खेमा आरजेडी से गठबंधन ना होने की स्थिति में सभी सीटों पर उम्मीदवार देना चाहता है. जानकार मानते हैं कि इस खेमे के नेताओं की दिलचस्पी इस बात में ज्यादा है कि उम्मीदवारों की कतार पार्टी नेतृत्व के सामने लगी रहे. हार या जीत इससे इन नेताओं को कोई वास्ता नहीं है.