1st Bihar Published by: Updated Oct 28, 2022, 4:24:01 PM
- फ़ोटो
PATNA: नहाए-खाए के साथ ही शुक्रवार को लोक आस्था के महापर्व छठ की शुरुआत हो गई है। छठ महापर्व को लेकर सरकार के स्तर पर की गई तैयारियों पर राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी ने सवाल उठाया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रवण कुमार अग्रवाल ने राज्य सरकार से सभी छठ घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग करते हुए विगत वर्षों में छठ पर्व के दौरान हुए हादसों से सीख लेने की बात कही है।
श्रवण अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2012 में राजधानी पटना के अदालत घाट स्थित छठ घाट पर भगदड़ मचने में 2 दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना में दर्जनों बच्चे, महिलाएं और छठ वतियों की हृदय विदारक मौत हुई थी। इस घटना में छठ घाट पर कुव्यवस्था और जिला प्रशासन की लापरवाही सामने आई थी। वही 2019 में राज्य के विभिन्न छठ घाटों पर 15 और 2020 में भी दर्जन भर से अधिक लोगों की मौत छठ पूजा के दौरान हुई थी।
उन्होंने राज्य सरकार से अपील की है कि राज्य के सभी छठ घाटों पर पर्याप्त मात्रा में मेडिकल टीम, स्वास्थ्य शिविर, अस्पतालों में बड़ी संख्या में डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती, सभी छठ घाटों पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवान के साथ-साथ पर्याप्त मात्रा में सुरक्षा बल और स्टीमर और बड़े नाव की व्यवस्था हो, जिससे कि छठ व्रती आसानी से छठ व्रत मना सकें तथा राज्य में छठ पर्व के दौरान शांति और सुव्यवस्था का माहौल बना रहे ।
श्रवण अग्रवाल ने कहा कि राज्य के सभी घाटों पर बिना किसी परेशानी के छठ महापर्व संपन्न हो सके और किसी भी तरह की बाधा विघ्न इस महापर्व में ना पड़े इसके लिए राज्य की प्रशासन छठ महापर्व संपन्न होने तक सजग एवं मुस्तैद रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने खुद माना है कि सरकारी पदाधिकारी और सरकारी कर्मी केवल वेतन लेते हैं और कामों में लापरवाही बरतते हैं इसलिए नीतीश कुमार अपने अधिकारियों को स्वयं अपने स्तर से निर्देशित करें और पूरे बिहार में छठ घाटों पर सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की स्वयं निगरानी करें।