1st Bihar Published by: Updated Nov 06, 2022, 1:17:25 PM
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PATNA : गोपालगंज में भारतीय जनता पार्टी ने बेहद नजदीकी मुकाबले में आखिरकार जीत हासिल कर ली। गोपालगंज की मतगणना के दौरान कई बार ऐसा हुआ कि आरजेडी उम्मीदवार बीजेपी कैंडिडेट से आगे निकल गए लेकिन आखिरकार बीजेपी प्रत्याशी कुसुम देवी ने जीत हासिल कर ली। हार–जीत का अंतर भी बेहद कम रहा गोपालगंज को लेकर जो आंकड़े सामने आ रहे हैं वह बताने को काफी है कि यहां आरजेडी उम्मीदवार की हार की बड़ी वजह तेजस्वी यादव के मामा साधु यादव और ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के कैंडिडेट बने हैं।
गोपालगंज सीट से बीएसपी की उम्मीदवार इंद्राणी देवी को 8000 वोट मिले हैं। इंद्राणी देवी तेजस्वी यादव के मामा साधु यादव की पत्नी हैं और जानकार मानते हैं कि साधु यादव ने आरजेडी के ही कैडर वोट में सेंधमारी की है। अगर साधु यादव की पत्नी चुनावी मुकाबले में नहीं होती तो यह वोट आरजेडी के खाते में जाते। वहीं आरजेडी के एमवाई समीकरण को भी ओवैसी के उम्मीदवार ने झटका दिया है। इस सीट से एआईएमआईएम के उम्मीदवार अब्दुल सलाम को 11 हजार से ज्यादा वोट मिले हैं। इन दोनों उम्मीदवारों को मिला वोट आरजेडी को नुकसान कर गया है और इस सेंधमारी को ही आरजेडी उम्मीदवार के हार की बड़ी वजह माना जा रहा है।
गोपालगंज विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा साल 2005 से ही रहा है। बीजेपी ने अपने इस किले को किसी तरह बचा लिया है हालांकि हार जीत का अंतर बेहद कम रहा है। बीजेपी ने केवल 2183 वोट से जीत हासिल की मामला बेहद नजदीकी था। अगर साधु यादव और ओवैसी गोपालगंज में चुनावी फैक्टर नहीं होते तो बीजेपी के लिए अपना किला बचा पाना बेहद मुश्किल था।