1st Bihar Published by: First Bihar Updated Nov 19, 2024, 2:11:42 PM
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PATNA: बिहार में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. हाईकोर्ट के फैसले के बाद शिक्षा मंत्री सुनील कुमार मीडिया के सामने आये. उन्होंने कहा-राज्य सरकार ने फिलहाल शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग की पूरी प्रक्रिया को रोक दिया है. मंत्री ने कहा-हमने अभी हाईकोर्ट का फैसला नहीं देखा है, लेकिन सरकार ने अपने स्तर से फैसला लिया कि तत्काल शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग को रोक दिया जाये. शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ट्रांसफर-पोस्टिंग के नियमों में कुछ बदलाव भी करने जा रही है.
बता दें बिहार सरकार ने पूरे राज्य के शिक्षकों के ट्रांसफऱ-पोस्टिंग की प्रक्रिया शुरू की थी. 7 नवंबर से ही ये प्रक्रिया शुरू हो गयी थी. राज्य भर के शिक्षकों को ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन आवेदन करने को कहा गया था. इस बीच कई शिक्षकों ने हाईकोर्ट में सरकार की स्थानांतरण नीति के खिलाफ याचिका दायर की थी. मंगलवार को इस पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने याचिका दायर करने वाले शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर रोक लगा दी थी.
शिक्षा मंत्री का ऐलान
हाईकोर्ट के फैसले के बाद बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने मीडिया से बात की. उन्होंने कहा कि सरकार पहले से ही ट्रांसफर-पोस्टिंग की नयी नीति को बदलने पर विचार कर रही थी. इस बीच हाईकोर्ट का फैसला आय़ा है. ऐसे में सरकार ने तत्काल ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया है. मंत्री ने कहा है कि नयी नीति में नियोजित शिक्षकों के ट्रांसफर का प्रावधान नहीं है. लेकिन राज्य सरकार ने नियोजित शिक्षकों को सक्षमता परीक्षा के जरिये उन्हें राज्यकर्मी बनने का मौका दिया है. सक्षमता परीक्षा के दो चरण हुए हैं लेकिन अभी लाखों शिक्षक इस परीक्षा में शामिल नहीं हुए हैं.
मंत्री ने कहा कि नियोजित शिक्षकों को भी सक्षमता परीक्षा पास कर ट्रांसफर-पोस्टिंग का मौका मिलना चाहिये. सरकार ने इस बिन्दु पर भी विचार किया है. तभी ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया को रोक दिया गया है. शिक्षकों की स्थानांतरण नीति को लेकर शिक्षक संगठनों ने भी कई सुझाव दिये हैं. उन पर भी विचार किया जा रहा है. सारे बिन्दुओं पर विचार करने के बाद स्थानांतरण पॉलिसी में बदलाव किया जायेगा.
मंत्री ने कहा कि शिक्षकों के ट्रांसफर की पॉलिसी को लेकर उठ रहे सारे सवालों पर विचार करने के बाद फिर से स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू की जायेगी.