1st Bihar Published by: First Bihar Updated Aug 27, 2024, 8:03:36 AM
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DESK: महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में छत्रपति शिवाजी महाराज की 35 फीट ऊंची प्रतिमा के अचानक गिरने के मामले में एक्शन हुआ है। इस मामले में ठेकेदार समेत दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। ठेकेदार और आर्टिसरी कंपनी के मालिक जयदीप आपटे और स्ट्रक्चरल कंसल्टेंट चेतन पाटिल पर काम में लापरवाही बरतने के साथ साथ अन्य आरोप लगाए गए हैं।
दरअसल, महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के एक किले में शिवाजी महाराज की याद में इस प्रतिमा को स्थापित किया गया था। नौसेना दिवस समारोह के साथ पिछले साल 4 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण किया था। ऐसी संभावना जतायी जा रही है कि पिछले तीन दिन से भारी आंधी बारिश हो रही है। शायद इसी कारण से मूर्ति ढह कर नीचे गिर गयी हालांकि मामले की जांच की जा रही है।
इस मामले में असिस्टेंट इंजीनियर और पीडब्ल्यूडी अधिकारी अजीत पाटिल ने सिंधुदुर्ग थाने में ठेकेदार और आर्टिसरी कंपनी के मालिक जयदीप आपटे और स्ट्रक्चरल कंसल्टेंट चेतन पाटिल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कराया है। इंजीनियर ने 20 अगस्त को ही ठेकेदार को सचेत किया था और कहा था कि प्रतिमा को खतरा है बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं की गई।
भारतीय नौसेना ने इस घटना पर चिंता जताई है और प्रतिमा की मरम्मत और उसके पुनर्स्थापना के लिए अपनी टीम प्रतिमास्थल पर भेजी है। बता दें कि शिवाजी महाराज की प्रतिमा को स्थापित करने में 3600 करोड़ रुपए की लागत आई थी। साल 2018 के एक नवंबर को महाराष्ट्र सरकार ने इसकी मंजूरी दी थी। सरकार ने 3700 करोड़ रुपए इसके ऊपर खर्च करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2016 में इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया था।