तीन बार समन जारी होने के बाद, अब 25 मार्च को CBI के सामने पेश होंगे तेजस्वी

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 16, 2023, 12:03:13 PM

तीन बार समन जारी होने के बाद, अब 25 मार्च को CBI के सामने पेश होंगे तेजस्वी

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PATNA : बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को सीबीआई द्वारा समन जारी किया गया है और उन्हें राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश होने को कहा गया है। जिसके बाद अब इस समन को लेकर बिहार के उपमुख्यमंत्री ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। तेजस्वी ने कोर्ट से समन पर रोक लगाने की मांग की है। अब इस मामले में आज सुनवाई हुई। यह सुनवाई हाईकोर्ट के जस्टिस दिनेश शर्मा के समक्ष हुई। जिसमें याचिका का निस्तारण किया गया। 


वहीं, इस मामले की जानकारी देते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के वकील ने बताया कि, वर्तमान में बिहार विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है।  इसलिए वो दिल्ली आकर सीबीआई के सामने पेश नहीं हो सकते। इसलिए वो वीसी के माध्यम से पेश होंगे और उसके बाद व्यक्तिगत रूप से पेश होंगे।  तेजस्वी यादव  25 मार्च को पेश होंगे। फिलहाल उनकी गिरफ़्तारी पर रोक लगा दी गई है। तेजस्वी सुबह साढ़े 10 बजे  पूछताछ के लिए सीबीआई मुख्यालय जाएंगे। 


तेजस्वी ने कोर्ट में कहा कि बिहार में बजट सत्र चल रहा है ऐसे में वो बार-बार पूछताछ के लिए दिल्ली नहीं आ सकते हैं। जिस पर CBI ने कहा कि शनिवार को बजट सत्र नहीं होता। इसलिए वो पूछताछ के लिए आ सकते हैं। फिलहाल उनकी गिरफ्तारी नहीं होगी। मालुम हो कि, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को सीबीआई तीन बार समन भेज चुकी है। ऐसे में अब तेजस्वी यादव सीबीआई के समन के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे हैं। उनकी याचिका पर न्यायमूर्ति दिनेश कुमार शर्मा की अदालत में सुनवाई हुई।


इससे पहले तेजस्वी यादव ने याचिका में अपने पक्ष में तर्क देते हुए कहा है कि 'सीआरपीसी की धारा 160 के उल्लंघन में उन्हें परेशान करने की नीयत से नोटिस जारी किया गया है। वे तो कथित अपराध के समय नाबालिग थे। इससे पहले कल दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने इसी मामले में लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, मीसा भारती को बुधवार को जमानत दी है। 


आपको बताते चलें कि, तेजस्वी यादव को सीबीआई ने 28 फरवरी, 4 मार्च और 11 मार्च को तीन बार नोटिस जारी कर चुका है। यह मामला 2004 से 2009 तक केंद्रीय रेलमंत्री रहते हुए लालू प्रसाद से जुड़ा है। आरोप यह है कि लालू प्रसाद ने पद पर रहते हुए परिवार को जमीन हस्तांतरित के बदले रेलवे में नौकरियां दिलवाईं। सीबीआई ने यह भी आरोप लगाया है कि रेलवे में की गई भर्तियां भारतीय रेलवे के मानकों के दिशा निर्देशों के अनुरुप नहीं थीं।