1st Bihar Published by: First Bihar Updated Nov 02, 2025, 8:24:02 AM
अनंत सिंह आरेस्ट - फ़ोटो GOOGLE
Anant Singh Arrested: बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मोकामा से जुड़ा दुलारचंद यादव हत्याकांड काफी सुर्खियों में है। पटना पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बाहुबली नेता और पूर्व विधायक अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। अनंत सिंह इस समय सत्तारूढ़ जेडीयू के प्रत्याशी हैं और उनकी गिरफ्तारी से मोकामा समेत पूरे राज्य की चुनावी राजनीति में हलचल मच गई है। उन्हें बाढ़ स्थित कारगिल मार्केट से हिरासत में लिया गया।
पुलिस ने बताया कि 30 अक्टूबर को प्रतिस्पर्धी उम्मीदवारों के दो समूहों के बीच झड़प हुई थी। इस दौरान पथराव और हंगामा हुआ, जिससे कई लोग घायल हो गए। घटना स्थल से दुलारचंद यादव (75 वर्ष) का शव बरामद किया गया, जो उस इलाके के निवासी थे। शुरुआती जांच में यह पाया गया कि इस हिंसक घटना में अनंत सिंह की उपस्थिति थी और उनके साथी मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम भी शामिल थे। तीनों को गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। पुलिस ने कहा कि जल्द ही अदालत से रिमांड लेकर विस्तृत जांच की जाएगी।
इस मामले ने प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल मचा दी है। चुनाव आयोग ने कई अधिकारियों के ट्रांसफर और सस्पेंशन के आदेश दिए हैं। बाढ़ अनुमंडल के SDO चंदन कुमार और दो SDPO का तबादला किया गया, जबकि SDPO-2 अभिषेक सिंह को सस्पेंड कर दिया गया। उनकी जगह पर ATS के डीएसपी आयुष श्रीवास्तव को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी तरह, बाढ़ के SDPO-1 राकेश कुमार की जगह CID के डीएसपी आनंद कुमार सिंह को कार्यभार सौंपा गया। चुनाव आयोग ने पटना के ग्रामीण एसपी विक्रम सिहाग को भी हटाने का आदेश दिया है।
वहीं, जाँच के दौरान यह सामने आया कि अनंत सिंह ने भी इस मामले में FIR दर्ज कराई है। उन्होंने पीयूष प्रियदर्शी सहित पांच लोगों को नामजद और अज्ञात लोगों को अभियुक्त बनाया है। मामले में अब तक पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
बता दें कि जब शुक्रवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आया, जिसमें खुलासा हुआ कि दुलारचंद यादव की मौत गोली से नहीं, बल्कि कुचलने से हुई। उनके शरीर पर गंभीर चोटें थीं, पसलियां टूटी हुई थीं, और हार्ट अटैक व फेफड़े फटने की पुष्टि हुई। पोस्टमार्टम से यह साफ हुआ कि यह हत्या कुचलने से हुई, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह गाड़ी से हुआ या किसी व्यक्ति के पैर से, और क्या हत्या किसी साजिश के तहत की गई थी।
इसके बाद भी मामले की गहनता से जांच जारी है और इस मामले पर पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जा रही है। पुलिस हर पहलुओं जांच में जुटी हुई है। एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि आरोपियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और सबूतों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस गिरफ्तारी ने मोकामा की चुनावी हलचल को और तेज कर दिया है, और अब हर राजनीतिक दल इस मामले को अपने चुनावी रणनीति में जोड़ने की कोशिश कर रहा है।
इधर, विधानसभा चुनाव होने में कुछ ही दिन बचे हुए है और अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस हाई-प्रोफाइल केस की वजह से बिहार विधानसभा चुनाव की सियासत में नई घटनाओं और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होगा। प्रशासन और पुलिस की निगरानी के बावजूद, मोकामा क्षेत्र में मतदाताओं की सुरक्षा और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण रहेगा।