Bihar Election 2025: बिहार चुनाव से पहले BJP में होगा बदलाव, लिस्ट में केंद्रीय मंत्रियों का भी नाम है शामिल

Bihar Election 2025: बिहार के अंदर इसी साल के अंत तक विधानसभा का चुनाव होना है। ऐसे तमाम राजनीतिक पार्टी अपने समीकरण को तैयार करने में लगी हुई है ताकि वह मैदान में किसे उतारे और उससे पार्टी को लाभ पहुंचे और वह सरकार आए।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Aug 23, 2025, 12:38:04 PM

Bihar Election 2025

Bihar Election 2025 - फ़ोटो file photo

Bihar Election 2025: बिहार के अंदर इसी साल के अंत तक विधानसभा का चुनाव होना है। ऐसे तमाम राजनीतिक पार्टी अपने समीकरण को तैयार करने में लगी हुई है ताकि वह मैदान में किसे उतारे और उससे पार्टी को लाभ पहुंचे और वह सरकार आए। अब इस बीच खबर यह है कि बिहार विधानसभा चुनाव के ऐलान से पहले बीजेपी को नया अध्यक्ष मिल सकता है। 


दरअसल,बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन में देरी की कई वजहें है। उनमें से इसमें एक बड़ी वजह भाजपा की मातृ संगठन द्वारा नए अध्यक्ष के नाम को लेकर किया गया व्यापक विचार-विमर्श भी है। सूत्रों के मुताबिक,बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम के चयन में बीते शाम आरएसएस ने विस्तृत रायशुमारी की है। इसके बाद अब यह कहा जा रहा है कि जल्द ही नाम पर फाइनल मुहर लग सकती है। 


सूत्रों के अनुसार, नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन को लेकरबीजेपी के पूर्व अध्यक्ष, वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री और आरएसएस तथा बीजेपी से जुड़े और संवैधानिक पदों पर रह चुके नेताओं से भी बातचीत की गई है और उनके सुझाव लिए गए है। संघ ने भी करीब ऐसे 100 वरिष्ठ नेताओं से व्यक्तिगत मुलाकात कर बीजेपी के नए अध्यक्ष के बारे में उनसे सुझाव लिया गया है। 


सूत्रों के अनुसार, जहां कई वरिष्ठ नेताओं ने अपनी ओर से कुछ नाम भी सुझाए वहीं कुछ ने कहा कि जो भी नाम तय हो, उनकी ओर से सहमति रहेगी। बीजेपी के एक पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और देश के दूसरे सर्वोच्च संवैधानिक पद पर रह चुके एक नेता ने अध्यक्ष के लिए एक केंद्रीय मंत्री का नाम सुझाया है, जो मुख्यमंत्री भी रह चुके है। 


संघ के बेहद करीबी एक पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और अभी केंद्र में मंत्री ने संघ को साफ बोल दिया कि उन्होंने आरएसएस को ना पहले कोई सुझाव या सलाह दी है और ना अब देंगे संघ की राय ही उनकी अंतिम राय है। जबकि एक केंद्रीय मंत्री जो मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं, उन्होंने अपनी उम्र का हवाला देते हुए पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी लेने से खुद को तैयार नहीं बताया पर ये भी जोड़ा कि सूचना के बाद सोचना नहीं  यानी अगर उनको लेकर सहमति बनती है तो वो जिम्मेदारी लेने से पीछे भी नहीं हटेंगे। 


इसके अलावा एक केंद्रीय मंत्री जो दक्षिण भारत के एक राज्य के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं उन्होंने कहा कि वो ये जिम्मेदारी लेने में खुद को सक्षम नहीं मानते हैं। अब इन तमाम बातों के बाद जो चीज़ छनकर बाहर आई उसके मुताबिक नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की उम्र 60 साल के आसपास होनी चाहिए। 


मालूम हो कि, भाजपा के संविधान के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने से पहले इसके 36 संगठनात्मक राज्यों में से कम से कम 19 में अध्यक्षों का चुनाव होना आवश्यक है।  इनमें सभी 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं। ऐसे में  बीजेपी ने जुलाई तक 36 में से 28 संगठनात्मक राज्यों में चुनाव पूरा कर लिया। इसके बाद अब केवल आठ राज्यों में चुनाव बाकी है। ये हैं उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, हरियाणा, दिल्ली, झारखंड, पंजाब और मणिपुर। हालांकि पंजाब में बीजेपी ने कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है।