Bihar Assembly Election 2025: राहुल-खरगे की बैठक में चुनावी रणनीति तय, कांग्रेस शुरू करेगी मेगा रैलियां

Bihar Assembly Election 2025: बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं और जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, राज्य की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सभी दल अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 10, 2025, 10:47:18 AM

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बिहार न्यूज - फ़ोटो GOOGLE

Bihar Assembly Election 2025: बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं और जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, राज्य की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सभी दल अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी भी पूरी तरह एक्टिव हो चुकी है। पार्टी ने चुनाव से पहले मतदाताओं तक पहुँच बनाने और संगठन को मज़बूती देने के लिए नई रणनीति बनाई है।


मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी की अध्यक्षता में बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक हुई। इस बैठक में आगामी कार्यक्रमों, सीट बंटवारे, प्रचार अभियान और संभावित उम्मीदवारों के चयन पर विस्तार से चर्चा हुई। कांग्रेस अब वोटर अधिकार यात्रा से बने माहौल को भुनाने के लिए नए जनसंपर्क कार्यक्रम शुरू करने जा रही है, जिसमें प्रमंडल और जिला स्तर पर रैलियों की योजना तैयार की जा रही है। इन रैलियों में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की भागीदारी भी संभावित है।


बैठक के बाद बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने बताया कि अब तक हुए कार्यों की समीक्षा की गई और आगे की रणनीति पर विचार हुआ। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी जल्द से जल्द उम्मीदवारों की सूची जारी करना चाहती है, ताकि प्रत्याशियों को प्रचार का पर्याप्त समय मिल सके।


इस बार कांग्रेस पिछली बार की तरह लगभग 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के मूड में है। हालांकि, पार्टी कुछ सीटों में बदलाव की कोशिश कर रही है और इसके लिए महागठबंधन के प्रमुख घटक दल राजद के साथ संवाद बना हुआ है। कृष्णा अल्लावरू ने बताया कि सीट बंटवारे को लेकर बातचीत सकारात्मक दिशा में है और महागठबंधन के सभी दलों के बीच "अंडरस्टैंडिंग" बन रही है।


इस बार महागठबंधन में राष्ट्रीय लोक जनता पार्टी (रालोजपा) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) जैसे नए सहयोगियों के शामिल होने के बाद सीट शेयरिंग के साथ-साथ संयुक्त घोषणापत्र और चुनाव प्रचार अभियान को लेकर भी चर्चा हुई। कांग्रेस चाहती है कि महागठबंधन का चेहरा मजबूत और एकजुट दिखे, इसलिए समन्वय बनाए रखने पर खास जोर दिया जा रहा है।



कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को दिल्ली में होगी। इस बैठक में प्रदेश से आए आवेदनों की समीक्षा कर संभावित प्रत्याशियों के नामों पर विचार किया जाएगा। बैठक में उम्मीदवारों की सामाजिक, राजनीतिक और क्षेत्रीय योग्यता को ध्यान में रखते हुए अंतिम सूची तैयार करने की दिशा में काम होगा।


इस रणनीतिक बैठक में कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया, जिनमें प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, स्क्रीनिंग कमेटी चेयरमैन अजय माकन, विधायक दल के नेता शकील अहमद खान, विधान परिषद नेता मदन मोहन झा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह, सांसद तारिक अनवर, मनोज कुमार, मोहम्मद जावेद, और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव व उनकी पत्नी रंजीत रंजन, साथ ही कन्हैया कुमार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।


कांग्रेस इस बार यह संदेश नहीं देना चाहती कि सीट शेयरिंग को लेकर महागठबंधन में कोई मतभेद है। पार्टी का जोर सभी निर्णय आपसी सहमति और पारदर्शिता के साथ लेने पर है।