1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 12, 2025, 8:19:32 AM
कांग्रेस का AI अटैक - फ़ोटो GOOGLE
AI Generated Video: बिहार में विपक्ष की वोट अधिकार यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां को गाली देने के आरोपों के बीच कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर एक AI जेनरेटेड वीडियो पोस्ट किया है, जिसने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है। भाजपा ने इस वीडियो को प्रधानमंत्री और उनकी मां के खिलाफ आपत्तिजनक बताते हुए कांग्रेस की तीखी आलोचना की है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने राजनीतिक बहस का स्तर गिरा कर सारी हदें पार कर दी हैं।
बिहार कांग्रेस द्वारा जारी इस वीडियो का शीर्षक है “साहब के सपनों में आईं माँ,” जिसमें AI तकनीक का उपयोग कर पीएम मोदी और उनकी दिवंगत मां के रूप में दो किरदार दिखाए गए हैं। वीडियो में दिखाया गया है कि पीएम मोदी के सपने में उनकी मां आती हैं और उन्हें बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान अपने नाम का दुरुपयोग करने पर डांटती हैं।
वीडियो में पीएम मोदी की मां कहती हैं, “अरे बेटा, पहले तो तुमने हमें नोटबंदी की लंबी लाइनों में खड़ा किया, तुमने मेरे पैर धोने का रील बनवाया और बिहार में अब मेरे नाम पर राजनीति कर रहे हो। तुम मेरे अपमान के बैनर-पोस्टर छपवा रहे हो। तुम फिर से बिहार में नौटंकी करने की कोशिश कर रहे हो। राजनीति के नाम पर कितना गिरोगे?” इस संवाद के बाद वीडियो में पीएम मोदी की नींद टूट जाती है।
भाजपा ने इस वीडियो को “घृणित और कुत्सित प्रयास” करार दिया है, जिसमें कांग्रेस ने एक ऐसे व्यक्ति को निशाना बनाया है जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस की यह हरकत न केवल प्रधानमंत्री की मां के प्रति अपमानजनक है, बल्कि यह महिला और मातृ शक्ति का भी अपमान है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस पछतावे की बजाय प्रधानमंत्री की मां के खिलाफ अपनी पिछली टिप्पणियों को सही ठहराने में लगी हुई है। यह पार्टी गांधीवादी की बजाय गालीवादी बन चुकी है।”
भाजपा का यह भी कहना है कि कांग्रेस इस वीडियो के माध्यम से राजनीतिक बहस को निंदनीय स्तर पर ला रही है और बिहार की जनता के संवेदनशील भावनाओं का अपमान कर रही है। शहजाद पूनावाला ने इस बात पर भी जोर दिया कि यह वीडियो बिहार की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक मर्यादाओं के खिलाफ है।
बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हैं और इस तरह के वीडियो व बयान राजनीतिक माहौल को और गर्मा सकते हैं। विपक्षी दलों के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं, जो चुनावी रणभूमि को और तनावपूर्ण बना रहे हैं। इस विवाद ने राज्य की राजनीतिक चर्चा को नए मोड़ पर पहुंचा दिया है, जहां सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर राजनीतिक हमलों का दायरा बढ़ता जा रहा है।