Bihar Politics: श्वेता सुमन का नॉमिनेशन रद्द होने पर हाई कोर्ट पहुंची RJD, सुधाकर सिंह ने बताया लोकतंत्र की हत्या

Bihar Politics: बिहार की मोहनिया विधानसभा सीट पर RJD प्रत्याशी श्वेता सुमन का नामांकन रद्द होने के बाद बक्सर सांसद सुधाकर सिंह ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया। राजद ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

1st Bihar Published by: Ranjan Kumar Updated Oct 23, 2025, 1:19:18 PM

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Bihar Politics: कैमूर जिले के रामगढ़ स्थित अपने पैतृक आवास पर प्रेस वार्ता करते हुए बक्सर सांसद एवं राजद नेता सुधाकर सिंह ने मोहनिया विधानसभा की राजनीतिक हलचल पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि राजद प्रत्याशी श्वेता सुमन का नामांकन गलत तरीके से रद्द किया गया है। लोकतंत्र में यह कदम न्याय व्यवस्था और संवैधानिक प्रक्रिया की अवहेलना है।


सुधाकर सिंह ने कहा कि अगर किसी उम्मीदवार का पांच वर्ष पुराना जाति प्रमाण पत्र गलत था, तो उसके खिलाफ अपील पटना में पदाधिकारी के समक्ष की जानी चाहिए थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नामांकन 20 अक्टूबर को किया गया, तो 18 अक्टूबर को दाखिल शिकायत के आधार पर कैसे सुनवाई की गई और नामांकन रद्द कर दिया गया। सांसद ने इसे साजिशपूर्ण कार्रवाई बताया।


उन्होंने कहा कि मोहनिया के अनुमंडल पदाधिकारी ने कानून का पालन नहीं किया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दबाव में यह निर्णय लिया। सुधाकर सिंह ने निर्वाचन आयोग से एसडीओ का कॉल डिटेल निकालने की मांग करते हुए कहा कि इससे सच्चाई सामने आ जाएगी।


सुधाकर सिंह ने कहा कि जाति प्रमाण पत्र रद्द करने का अधिकार अंचल अधिकारी को नहीं, बल्कि अतिरिक्त सचिव स्तर के अधिकारी को होता है। नियम के अनुसार, रद्द करने से पहले नोटिस और जवाब देने का अवसर दिया जाना चाहिए था, लेकिन यहां पूरी प्रक्रिया की अनदेखी की गई।


उन्होंने कहा कि इस मामले के खिलाफ राजद ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि मोहनिया विधानसभा से अब निर्दलीय प्रत्याशी रवि पासवान को राजद का समर्थन प्राप्त है, जिन्हें स्वयं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने समर्थन दिया है। 


सुधाकर सिंह ने दावा किया कि राजद समर्थित उम्मीदवार स्पष्ट बहुमत से चुनाव जीतेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अगर कोई गलत एफिडेविट देता है तो उसके लिए कोर्ट है, न कि राजनीतिक दबाव। यह फैसला नीतीश कुमार और अमित शाह के इशारे पर हुआ है।