Bihar Politics: “लालू जी गेट मत खोलिएगा.. नहीं तो आपका भी कुर्ता फाड़ देंगा सब” टिकट के लिए RJD में घमासान पर गिरिराज सिंह का तंज

Bihar Politics: बेगूसराय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने आरजेडी में टिकट विवाद को लेकर तंज कसते हुए कहा कि अगर लालू यादव गेट खोल देंगे तो उनका भी कुर्ता फाड़ दिया जाएगा। उन्होंने महागठबंधन पर लोकतंत्र को शर्मसार करने का आरोप लगाया।

1st Bihar Published by: HARERAM DAS Updated Oct 19, 2025, 2:33:35 PM

Bihar Politics

- फ़ोटो Reporter

Bihar Politics: बेगूसराय पहुंचे केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने महागठबंधन और आरजेडी पर तीखा तंज किया है। टिकट के लिए आरजेडी नेता के राबड़ी आवास के बाहर हुए कुर्ता फाड़ने पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि यह सब लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला दृश्य है। महागठबंधन के भीतर टिकट बंटवारे को लेकर पैसे के लेनदेन और खरीदी-बिक्री के आरोप लग रहे हैं, जिससे कई प्रत्याशी फूट-फूट कर रो रहे हैं।


केंद्रीय मंत्री ने कहा कि “महागठबंधन में जो हो रहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। कई दलों के ऊपर पैसे के लेनदेन के आरोप हैं आरजेडी, वीआईपी और अन्य दलों के नाम सामने आ रहे हैं। कुछ प्रत्याशी कपड़े फाड़कर रो रहे हैं। यह लोकतंत्र को शर्मसार करने वाली स्थिति है।


गिरिराज सिंह ने आगे कहा कि अगर पैसे से टिकट बंटेगा, तो आगे लोकतंत्र का क्या हाल होगा, यह सोचने वाली बात है। उन्होंने बिहार की जनता से अपील करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को करारा जवाब दें। केवल एक विधानसभा में नहीं, बल्कि पूरे बिहार में यह संदेश दें कि लोकतंत्र बिकाऊ नहीं है।


उन्होंने कर्पूरी ठाकुर का नाम लेते हुए कहा कि 24 तारीख का दिन कर्पूरी जी को समर्पित होना चाहिए। गिरिराज ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर जैसे गरीबों के नेता का नाम मत भूलिए। अगर टिकट पैसा से मिलने लगा, तो कर्पूरी ठाकुर जैसे गरीब परिवारों का कोई भविष्य नहीं बचेगा।


लालू प्रसाद यादव पर कटाक्ष करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि “लालू यादव जी अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनाने का सपना देख रहे हैं, लेकिन कर्पूरी ठाकुर को याद कीजिए। अगर लालू जी गेट खोल देंगे तो जो आक्रोश है, लोग उनका कुर्ता भी फाड़ देंगे। यह गांव की कहावत है  ‘खेत खाए गधा, मार खाए जोलहा’। उन्होंने कहा कि “लालू जी, मैं आपसे निवेदन करूंगा, गेट मत खोलिएगा, नहीं तो आपका भी कुर्ता फाड़ देंगे। महागठबंधन में जो स्थिति है, वह साफ बताती है कि अब जनता सब समझ चुकी है।”