1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Oct 13, 2025, 3:03:07 PM
जेडीयू का तीखा हमला - फ़ोटो Google
Bihar Politics: चर्चित IRCTC घोटाले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव पर अदालत ने धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश सहित अन्य धाराओं में आरोप तय कर दिए हैं। अब इस मामले में तीनों के खिलाफ औपचारिक रूप से मुकदमा चलेगा।
कोर्ट के इस फैसले की बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक पहले आने को लेकर जब सवाल उठे, तो जदयू की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि अगर तेजस्वी यादव को कोर्ट के फैसले पर आपत्ति थी तो उनके वकील ने न्यायालय में सवाल क्यों नहीं उठाया?
उन्होंने आगे कहा कि जो पाप किया है, उसका फल भुगतना ही पड़ेगा। लालू परिवार पर IPC 420 और 120B के आरोप कोई अस्वाभाविक नहीं हैं। नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव को सलाह दी कि वह कोर्ट में स्वेच्छा से सरेंडर करें, और आरोप लगाया कि लालू यादव ने अपने बड़े भाई स्व. मंगरू राय और राबड़ी देवी के चाचा नाटा चौधरी से भी जमीन लिखवा ली थी। बदले में उनके परिजनों को सरकारी नौकरी दी गई।
उन्होंने कहा कि लालू परिवार ने सत्ता का उपयोग करके जमीनें इकट्ठा कीं और अब जब कोर्ट ने आरोप तय किए हैं, तो इसे चुनाव से जोड़ना गलत है। अगर यह राजनीति प्रेरित होता, तो आपके वकील कोर्ट में बहस कर सकते थे। नीरज कुमार ने तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि लालू का परिवार अब पटना का सबसे बड़ा जमींदार बन चुका है। अब दुर्गति तो स्वाभाविक है।
बता दें कि यह केस 7 जुलाई 2017 को CBI द्वारा दर्ज किया गया था। आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री रहते हुए लालू यादव ने IRCTC के दो होटलों BNR रांची और BNR पुरी के रखरखाव का ठेका सुजाता होटल्स ग्रुप को नियमों के विरुद्ध दिया।
इस मामले में आरोप है कि कंपनी को लाभ पहुंचाने के बदले में लालू यादव और उनके परिवार ने पटना में जमीन प्राप्त की। CBI ने जांच के दौरान पटना, दिल्ली, रांची और गुरुग्राम में लालू परिवार से जुड़े 12 ठिकानों पर छापेमारी की थी। अब कोर्ट ने सुजाता होटल्स ग्रुप के संचालक विजय कोचर और विनय कोचर पर भी आरोप तय कर दिए हैं।