Bihar Election 2025: बिहार चुनाव से JMM ने खुद को किया अलग, किसी भी सीट पर नहीं लड़ेगी इलेक्शन; RJD-कांग्रेस को चेताया

Bihar Election 2025: बिहार चुनाव 2025 से झामुमो ने खुद को किया अलग, मंत्री सुदिव्य कुमार ने RJD-कांग्रेस पर गठबंधन धर्म न निभाने का आरोप लगाया। पार्टी ने अब बिहार में न उम्मीदवार उतारेगी, न प्रचार करेगी।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Oct 20, 2025, 5:44:04 PM

Bihar Election 2025

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Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बड़ा निर्णय लेते हुए चुनावी मैदान से खुद को अलग कर लिया है। पार्टी की ओर से यह घोषणा झारखंड सरकार में मंत्री और गिरिडीह से विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने सोमवार को गिरिडीह में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान की।


मंत्री सुदिव्य कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि झामुमो अब बिहार में एक भी सीट पर उम्मीदवार नहीं उतारेगा। इसके अलावा पार्टी महागठबंधन के किसी भी उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार भी नहीं करेगी। सुदिव्य कुमार ने राजद और कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया।


उन्होंने कहा कि झामुमो ने हमेशा झारखंड में गठबंधन धर्म निभाया और कांग्रेस-राजद को बड़े भाई की तरह सम्मान दिया, लेकिन बिहार में इन दलों ने हमारे साथ छल और अन्याय किया। उनका आरोप है कि सीट बंटवारे को लेकर झामुमो को सिर्फ उलझाया गया, और अंत समय तक कोई संवाद या स्पष्टता नहीं दी गई।


सुदिव्य कुमार ने चेतावनी दी कि बिहार में झामुमो के साथ हुआ यह व्यवहार झारखंड की राजनीति पर भी असर डालेगा। उन्होंने कहा कि झारखंड में कांग्रेस और राजद को जो सम्मान झामुमो ने दिया है, अब उस पर पुनर्विचार होगा। पार्टी अपनी रणनीति अब खुद तय करेगी।


मंत्री ने बताया कि झारखंड में गठबंधन की मजबूती के लिए झामुमो ने कई त्याग किए, यहां तक कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कांग्रेस-राजद को पर्याप्त सीटें दीं और उनके विधायकों को मंत्री पद भी सौंपे। लेकिन इसके बावजूद बिहार चुनाव में झामुमो के लिए कोई भी सीट नहीं छोड़ी गई, जिससे पार्टी को अपमानित महसूस हुआ।


उन्होंने कांग्रेस पर भी सवाल उठाए और कहा कि बिहार में कांग्रेस ने झामुमो को लेकर कोई स्पष्ट रुख नहीं दिखाया। न बातचीत की, न ही किसी तरह की मध्यस्थता। अंत में सुदिव्य कुमार ने कहा कि झामुमो अब बिहार चुनाव से पूरी तरह दूर रहकर स्थिति का आकलन करेगी और जल्द ही आगे की रणनीति तय करेगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस अनुभव से हमने सीखा है कि गठबंधन तभी टिकता है जब सभी सहयोगी दल सम्मान और विश्वास के साथ आगे बढ़ें।