1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 07, 2025, 8:30:55 AM
बिहार की राजनीतिक में हलचल - फ़ोटो GOOGLE
Bihar Politics: बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एक राजनीतिक जंग ने पूरे देश का ध्यान खींच लिया है, जिसका केंद्र बिंदु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माँ के अपमान को लेकर पैदा हुआ विवाद है। 27 अगस्त 2025 को दरभंगा के जाले में आयोजित वोटर अधिकार यात्रा के दौरान कांग्रेस के स्थानीय नेता मोहम्मद नौशाद ने कथित तौर पर मंच से प्रधानमंत्री मोदी और उनकी माँ के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की। इस घटना का एक वीडियो वायरल हो गया, जिसे भाजपा ने बेहद निंदनीय बताते हुए इसे "माँ की गाली" करार दिया। साथ ही केरल से बिहार को बिड़ी से जोड़ा गया है और इसी बीच श्रीनगर के हजरतबल दरगाह परिसर में राष्ट्रीय प्रतीक अशोक चिह्न के अपमान की घटना भी सामने आई। यह सभी विवाद बिहार की राजनीतिक में हलचल मचा दिया है। इस सभी बातों को लेकर अब बिहार के उपमुख्यमंत्री का गुस्सा फुटा है।
दरअसल, केरल कांग्रेस ने शनिवार (6 सितंबर, 2025) को सोशल मीडिया पर बिहार को 'बीड़ी' से जोड़ने वाली विवादित पोस्ट किया। इस पोस्ट के चलते राजनीति में तहलका मच गया। हालांकि पार्टी ने पोस्ट को हटा दिया और सार्वजनिक माफी भी मांगी।
वहीं, इसी बीच श्रीनगर के हजरतबल दरगाह परिसर में राष्ट्रीय प्रतीक अशोक चिह्न के अपमान की घटना भी सामने आई, जिसने देशभर में हलचल मचा दी है। इस पूरी स्थिति को लेकर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने ट्वीट में लिखा, "बिहार में आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की माँ का अपमान… केरल में बिहार का अपमान… और अब कश्मीर में अशोक चक्र का अपमान! केरल से कश्मीर तक, IND गठबंधन सिर्फ भारत की आत्मा पर वार कर रहा है। अशोक चक्र, सम्राट अशोक और बिहार की गौरवशाली विरासत हैं। बिहार और भारत कभी इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगा!"
सम्राट चौधरी के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। विपक्षी दलों ने इस बयान को राजनीतिक करारा जवाब बताया है, वहीं भाजपा समर्थक इसे एक सही और ज़रूरी कदम मान रहे हैं। आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले यह विवाद राजनीतिक तापमान को और बढ़ा सकता है। बिहार की जनता इस विवाद पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं दे रही है, जिसमें कुछ लोग इसे राजनीतिक चालबाज़ी बता रहे हैं तो कई इसे राष्ट्रीय भावनाओं के प्रति अनादर मान रहे हैं।
इस पूरे विवाद ने देश की राजनीतिक दिशा को प्रभावित किया है और आने वाले समय में इस मुद्दे पर और भी तीखी बहस होने की संभावना है। इस बीच प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।