1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jul 30, 2025, 12:45:03 PM
प्रतिकात्मक - फ़ोटो social media
Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सीएम नीतीश कुमार ने एक बार फिर से बड़ा दांव खेला है। बिहार सरकार ने आशा और ममता कार्यकर्ता को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को दोगुना करने का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एलान के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने तीखा हमला बोला है और पूछा है कि सिर्फ नकल ही करोगे या अपना भी अक्ल इस्तेमाल करोगे।
तेजस्वी यादव ने एक्स पर एआई वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि “मैंने 17 महीने स्वास्थ्य मंत्री रहते आशा एवं ममता कार्यकर्ताओं की प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू दी थी जो अंतिम स्टेज में थी लेकिन तब तक सरकार और मुख्यमंत्री आदतन पलटी मार गए। ये निकम्मी एनडीए सरकार उस पर भी दो साल से कुंडली मार कर बैठी रही। अब आखिरकार इन्हें आशा एवं ममता कार्यकर्ताओं की प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की हमारी इस मांग के सामने भी झुकना ही पड़ा”।
उन्होंने आगे लिखा, “यहां सरकार ने चालाकी करते हुए हमारी इस मांग को पूर्णरूपेण लागू नहीं किया। इनको प्रोत्साहन राशि नहीं बल्कि मानदेय मिलना चाहिए। हम इन्हें मानदेय देंगे।” अब इस सरकार को आंगनवाड़ी सेविका/सहायिका और रसोइयां के मानदेय में भी बढ़ोतरी करने की हमारी मांग को भी मजबूरन मानना ही पड़ेगा। हमारे 17 महीनों के अल्प कार्यकाल में ही हमने विकास मित्र, शिक्षा मित्र/टोला सेवक, तालीमी मरकज़ और पंचायती राज जनप्रतिनिधियों का मानदेय बढ़ाया था”।
तेजस्वी यादव लिखते हैं कि, “हमारी मांगों, घोषणाओं, वादों, इरादों और दावों को देखकर इस नकलची, थकी-हारी, दृष्टिहीन और विजन रहित सरकार का डर देखकर अच्छा लगता है। ये डर अच्छा है लेकिन 20 साल तक क्या ये मूँगफली छील रहे थे? यही सरकार, इनके नेता-मंत्री और अधिकारी जो हमारी घोषणा का मखौल उड़ाते थे वो अब सत्ता जाते देख दौड़ रहे है। सब कुछ तेजस्वी का ही नक़ल करोगे या अपनी भी अक्ल लगाओगे?”