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कैमूर में भारतमाला एक्सप्रेसवे का विरोध, बिना मुआवजा दिए फसल रौंदने पर JCB के सामने लेटे किसान, कहा..पहले मुआवजा दो फिर सड़क बनाओं

कैमूर के सिहोरा मौजा में भारतमाला एक्सप्रेसवे के निर्माण के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन। बिना मुआवजा दिए फसल रौंदने पर किसान जेसीबी के सामने लेटे, पुलिस और प्रशासन मौके पर रहे मौजूद।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Aug 19, 2025, 10:05:22 PM

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किसानों का विरोध-प्रदर्शन - फ़ोटो REPORTER

KAIMUR: कैमूर जिले के चैनपुर प्रखंड के सिहोरा मौजा में भारतमाला एक्सप्रेसवे निर्माण में उचित मुआवजा नहीं मिलने पर धरना पर किसान बैठे गए। किसानो की फसलों को जेसीबी के माध्यम से रौंदा जा रहा था जिसका किसानों ने विरोध किया। आज मंगलवार को धरना दे रहे किसानों को हटाने पहुंची पुलिस का किसानों ने विरोध किया। किसान जेसीबी के आगे लेट गये और अपना विरोध जताने लगे।


 किसानो के अनुसार भारतमाला एक्सप्रेसवे में किशानो की भूमि अधिग्रहण की जा रही है। लेकिन सरकार द्वारा इसका उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। वही एक्सप्रेस वे निर्माण में सरकार द्वारा उचित मुआवजा नहीं देने को लेकर किसानों द्वारा विरोध किया जा रहा है। सूचना पर भभुआ एसडीपीओ उमेश कुमार, एसडीएम अमित कुमार, चैनपुर थानाध्यक्ष एवं भभुआ थानाध्यक्ष सहित पुलिस बल पहुंचकर किसानों को हटाने का प्रयास कर रही है।


किसानों ने बताया कि भारतमाला एक्सप्रेसवे के तहत किसानो की जमीन सरकार अधिग्रहण करना चाहती है। लेकिन उसका उचित मुआवजा नहीं दे रही है। हम लोगों की फसलों को सरकार रौंद रही है। जबकि हम लोगों ने धान की रोपाई कर दिया उसकी सोहनी कर दिया, खेतों में खाद छिड़क दिया। हम लोग चाहते हैं कि बिना उचित मुआवजा दिए हम किसानों की जमीन सरकार ना ले नहीं तो हम लोग का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।


एसडीएम भभुआ अमित कुमार ने जानकारी देते हुए बताया भारतमाला एक्सप्रेसवे बहुत ही सरकार का महत्वाकांक्षी योजना है । इस तरह किसानो की भूमि अधिग्रहण की जा रही है जिसमें कुछ किसान बाधा पहुंचा रहे हैं। अभी तक 50 करोड़ से अधिक रुपए का भुगतान किसानों को कर दिया गया है और किसान अभी तक आवेदन नहीं दिए हैं। 


उनको बार-बार कहा जा रहा है कि आवेदन दीजिए तभी भुगतान हो पाएगा। जो लोगों का पहले का निर्धारित मुआवजा था उसको डबल कर दिया गया है। अगर कोई उसके बावजूद आपत्ति है तो अपना आपति दर्ज कराए उसके नियमानुकुल कार्रवाई होगी। कुछ किसानों ने सरकारी कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया है उनको चिन्हित करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी ।