1st Bihar Published by: First Bihar Updated Aug 04, 2025, 11:29:16 AM
सावन की अंतिम सोमवारी - फ़ोटो GOOGLE
Sawan Last Somwar: सावन की अंतिम सोमवारी पर कांवरियों को मौसम ने भरपूर साथ दिया, जिससे उनकी यात्रा खुशनुमा और आनंदमय रही। झमाझम बारिश के बावजूद कांवरियों ने अपने श्रद्धा से बिहार के मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ धाम पहुंचकर आस्था का प्रदर्शन किया। बारिश के कारण पक्की सड़कों पर कंकर-पत्थर पर नंगे पांव चलने में कांवरियों को थोड़ी कठिनाई हुई, लेकिन इससे उनकी भक्ति में कोई कमी नहीं आई। मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीबनाथ धाम पर अंतिम सोमवारी के दिन आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा, जहां स्थानीय कांवरियों के साथ-साथ दूर-दूर से आए डाक कांवरिया भी जलाभिषेक के लिए पहुंचे।
दरअसल, डाक कांवरिया दोपहर बाद पहलेजा घाट से जल लेकर रवाना हुए और रात 11 बजे के बाद धीरे-धीरे बाबा के दरबार पहुंचने लगे। रविवार की रात 12 बजे जब जलाभिषेक का शुभारंभ हुआ, तब हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा मंदिर गूंज उठा। मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित विनय पाठक ने बताया कि तड़के चार बजे से ही मंदिर के पट खोल दिए गए थे और दोपहर 12 बजे तक जलाभिषेक का पहला चरण संपन्न हुआ। इसके बाद दो घंटे के लिए पट बंद कर दिया गया, फिर दो बजे से पुनः बाबा का शृंगार पूजन हुआ और जलाभिषेक की प्रक्रिया जारी रही जो रात आठ बजे तक चली। इसके बाद अनवरत जलाभिषेक अरघा पर जारी रहा, जो सोमवार दोपहर तक चलता रहेगा।
बारिश के चलते दंडी कांवरियों को दंड भरने में मुश्किल हुई, लेकिन मंदिर सेवा दल ने उनकी हरसंभव मदद की। कांवरियों को पंडाल तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए सेवा शिविर और स्थानीय लोगों ने भी सहयोग दिया। प्रशासन ने डाक कांवरियों को रिस्ट बैंड भी उपलब्ध कराए, जिससे उनकी व्यवस्था सुचारू रूप से हो सकी। अंतिम सोमवारी के अवसर पर सेवा शिविर की संख्या कम होने के बावजूद स्थानीय श्रद्धालुओं ने जूस, गर्म दूध और पानी पिला कर उनकी सेवा की।
शाम छह से सात बजे के बीच बाबा गरीबनाथ मंदिर में रुद्राक्ष से महाशृंगार का विशेष आयोजन होगा, जिसमें गर्भ गृह में आम श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, लेकिन वे बाहर से दर्शन कर सकेंगे। इसके बाद शाम सात से दस बजे तक सामान्य श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर सकेंगे, जिसके बाद महाआरती का आयोजन किया जाएगा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मंदिर परिसर में मौजूद रहे ताकि बड़ी संख्या में आई भीड़ को व्यवस्थित किया जा सके और किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इस सावन की अंतिम सोमवारी पर भक्तों की भक्ति और प्रशासन की बेहतर व्यवस्था ने इस धार्मिक आयोजन को सफल और शांतिपूर्ण बनाया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में साफ-सफाई और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को अधिकतम सुविधा मिल सके। आगामी दिनों में भी मंदिर में धार्मिक आयोजनों की रौनक बनी रहने की उम्मीद जताई जा रही है।
मुजफ्फरपुर से मृतुन्जय कुमार की रिपोर्ट
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