1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 22 Jan 2026 08:15:30 AM IST
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Bihar news : बिहार की राजधानी पटना में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत ने राज्य की राजनीति और सामाजिक माहौल को गरमा दिया है। शुरुआत में पटना पुलिस ने इस मामले को आत्महत्या बताया था, लेकिन पीड़ित परिजनों के विरोध, सड़क पर हुए प्रदर्शन और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के सामने आने के बाद पुलिस को अपना रुख बदलना पड़ा। अब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में यौन हिंसा की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, जो हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
छात्रा की मौत के बाद जब पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया, तो परिजन इस निष्कर्ष से संतुष्ट नहीं दिखे। उनका आरोप है कि उनकी ‘लाडो’ के साथ गलत हुआ है और सच्चाई को दबाने की कोशिश की जा रही है। इसी बीच एक समाज विशेष के कुछ लोग सक्रिय हुए और परिजनों के साथ मिलकर पटना के कारगिल चौक पर छात्रा के शव को रखकर प्रदर्शन किया। इस हंगामे ने प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया और मामले की जांच पर सवाल खड़े होने लगे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस का बयान बदला। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि रिपोर्ट में ऐसे संकेत मिले हैं, जिनके आधार पर यौन हिंसा की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके बाद SIT का गठन कर दिया गया, जो छात्रा की मौत से जुड़े सभी तथ्यों—मृत्यु से पहले की गतिविधियों, कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और परिजनों के बयानों—की जांच कर रही है।
SIT के गठन के बाद से पीड़ित परिजनों के घर नेताओं और समाजसेवियों का आना-जाना लगातार जारी है। अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता परिजनों से मिलकर न्याय का भरोसा दे रहे हैं, लेकिन उनके बयानों और आश्वासनों को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। परिजन जहां न्याय की मांग पर अडिग हैं, वहीं इस मामले को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज होती जा रही है।
इसी बीच जहानाबाद में छात्रा के परिजनों से मिलने पहुंचीं एक महिला के बयान ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। बताया जा रहा है कि यह महिला 80 और 90 के दशक में सक्रिय रही एक जातीय संगठन के प्रमुख ब्रह्मेश्वर मुखिया की बहू हैं। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह कहती नजर आ रही हैं—“पूरा समाज साथ है इनका और न्याय होगा। न्याय ऐसा होगा कि फिर से वही राज आएगा, जो हमारा राज चल रहा था। फिर से वही राज आने वाला है क्योंकि यह BJP का तांडव नहीं चलने वाला है। अभी तक कहां है सरकार? 26 तक बोले हैं तो हम लोग उसका इंतजार कर रहे हैं, उसके बाद तो फिर वही होना है।”इस बयान के सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है।
प्रशासन के लिए यह मामला दोहरी चुनौती बन गया है—एक ओर निष्पक्ष और तेज जांच सुनिश्चित करना, दूसरी ओर किसी भी तरह की सामाजिक या राजनीतिक उकसावे की स्थिति को नियंत्रित करना। पुलिस का कहना है कि SIT पूरी स्वतंत्रता के साथ काम कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।फिलहाल, छात्रा की मौत का सच सामने आना बाकी है। परिजनों की उम्मीदें SIT की जांच पर टिकी हैं।