Bihar politics news : जेल में बंद विधायक अनंत सिंह को बड़ी राहत: कोर्ट ने किया बरी, RJD प्रवक्ता बंटू सिंह भी निर्दोष करार दिए गए

मोकामा के चर्चित विधायक अनंत कुमार सिंह के खिलाफ 2014 में दर्ज रंगदारी मांगने के 11 साल पुराने मामले में बुधवार को बड़ी राहत मिली है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 22 Jan 2026 09:11:23 AM IST

Bihar politics news : जेल में बंद विधायक अनंत सिंह को बड़ी राहत: कोर्ट ने किया बरी, RJD प्रवक्ता बंटू सिंह भी निर्दोष करार दिए गए

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PATNA:  जेल में बंद मोकामा के विधायक अनंत सिंह को बड़ी राहत मिली है। पटना कोर्ट ने अनंत सिंह को एक बड़े मामले में बरी कर दिया है. इस केस में RJD के मौजूदा प्रदेश प्रवक्ता बंटू सिंह भी आरोपी थे, कोर्ट ने उन्हें भी निर्दोष करार दिया है.


10 करोड़ रंगदारी के मामले में राहत

दरअसल अनंत सिंह और बंटू सिंह पर 10 करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप लगा था. इस केस की सुनवाई पटना सिविल कोर्ट में एमपी-एमएलए के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी पंकज कुमार मालवीय की अदालत में हो रही थी. कोर्ट ने बुधवार को 10 करोड़ की रंगदारी मांगने के आपराधिक मामले में मोकामा विधायक अनंत कुमार सिंह को बरी कर दिया.


11 साल पुराने मामले में मिली राहत

अनंत सिंह और बंटू सिंह के खिलाफ ये मामला करीब 11 वर्ष पुराना है. इसकी सुनवाई MP-MLA विशेष कोर्ट में हो रही थी. बुधवार को बेऊर जेल से मोकामा विधायक अनंत कुमार सिंह को विशेष अदालत में पेश किया गया.स्पेशल कोर्ट ने सबूतों के अभाव में अनंत सिंह को बरी करने का फैसला सुनाया. कोर्ट ने इस कांड के दूसरे आरोपी बंटू सिंह को भी साक्ष्य के अभाव में आरोप से बरी कर दिया. 


क्या था आरोप

अनंत सिंह के वकील सुनील कुमार ने मीडिया को जानकारी दी कि  यह आपराधिक मामला पटना के श्रीकृष्णापुरी थाना क्षेत्र का है, जो साल 2014 में दर्ज किया गया था. राघवेन्द्र प्रताप सिंह नामक व्यक्ति ने केस दर्ज कराया था कि बंटू सिंह समेत चार आरोपित उनके घर में घुस गए और धमकी देते हुए कहा कि अनंत सिंह को 10 करोड़ रुपये की रंगदारी पहुंचा दो.


अनंत सिंह के वकील ने बताया कि इस मामले में श्रीकृष्णापूरी थाने की पुलिस ने अनुसंधान के बाद विधायक अनंत सिंह और बंटू सिंह पर चार्जशीट दायर किया था. कोर्ट में ट्रायल के दौरान पुलिस के अनुसंधानकर्ता ने गवाही दी थी लेकिन इस कांड में  गवाह बनाए गए दूसरे लोग कोर्ट में गवाही और साक्ष्य देने नहीं पहुंचे. लिहाजा कोर्ट ने आरोपियों को बरी कर दिया.