1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 25 Jan 2026 07:06:45 AM IST
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Bihar weather update : गुलमर्ग से लेकर हिमाचल प्रदेश और मसूरी तक पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही जबरदस्त बर्फबारी अब देश के मैदानी क्षेत्रों के मौसम पर भी असर डालने लगी है। उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण राजधानी दिल्ली समेत कई इलाकों में हाल ही में बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग का मानना है कि यही सिस्टम आगे चलकर बिहार के मौसम को भी प्रभावित कर सकता है, जिससे राज्य में तापमान गिरने और हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बन रही है।
जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग, हिमाचल प्रदेश के शिमला-मनाली और उत्तराखंड के मसूरी जैसे पर्यटन स्थलों पर भारी बर्फबारी से ठंड का प्रकोप काफी बढ़ गया है। ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है और कई जगह सड़कें बंद होने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। इस बर्फबारी के चलते ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों की ओर बढ़ रही हैं, जिससे मौसम का मिजाज अचानक बदल रहा है।
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बीते दिनों बारिश और ठंडी हवाओं का असर देखा गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने का संकेत है, जो उत्तर भारत में मौसम प्रणाली को प्रभावित करता है। यही पश्चिमी विक्षोभ अब पूर्व की ओर बढ़ते हुए बिहार तक पहुंच सकता है।
बिहार में बदलेगा मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, बिहार में आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल राज्य के अधिकांश हिस्सों में दिन के समय हल्की धूप के साथ ठंड बनी हुई है, जबकि रात और सुबह के समय तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। यदि पश्चिमी विक्षोभ का असर बिहार तक पहुंचता है, तो कुछ जिलों में हल्की बारिश, बूंदाबांदी या बादलों की आवाजाही संभव है।
उत्तर बिहार के सीमावर्ती जिलों—जैसे सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार—में पहले से ही ठंड और कोहरे का असर ज्यादा देखा जाता है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों से आ रही ठंडी हवाएं इन जिलों में ठिठुरन और बढ़ा सकती हैं। वहीं दक्षिण बिहार के पटना, गया, नालंदा और भोजपुर जैसे जिलों में भी तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना जताई जा रही है।
मौसम में इस बदलाव का असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। रबी फसलों के लिए हल्की बारिश फायदेमंद मानी जाती है, खासकर गेहूं और सरसों की फसलों के लिए। हालांकि, अधिक ठंड और कोहरा सब्जियों की खेती को नुकसान पहुंचा सकता है। किसान मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर बनाए रखें और आवश्यक सावधानियां बरतें।
वहीं आम लोगों के लिए ठंड का बढ़ना स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां ला सकता है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। सुबह और देर रात के समय बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनने और ठंड से बचाव के उपाय करने की जरूरत है।
यदि बारिश और कोहरे का सिलसिला तेज होता है, तो सड़क और रेल यातायात पर भी असर पड़ सकता है। पहले ही घने कोहरे के कारण कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। मौसम में अचानक बदलाव से दृश्यता घट सकती है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
मौसम विभाग ने बिहारवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अगले 48 से 72 घंटों के दौरान मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और ठंडी हवाओं के साथ तापमान में गिरावट संभव है। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम अपडेट पर नजर रखें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
कुल मिलाकर, पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी अब मैदानी राज्यों तक अपना असर दिखा रही है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते दिल्ली के बाद अब बिहार के मौसम में भी बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में राज्य में ठंड और बढ़ सकती है, साथ ही हल्की बारिश या बादल छाए रहने की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही सबसे बेहतर उपाय है।