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JDU से निकाले जायेंगे सांसद गिरधारी यादव! पार्टी ने जारी कर दिया नोटिस, चुनाव आयोग के वोटर लिस्ट रिवीजन के खिलाफ की थी बयानबाजी

जेडीयू सांसद गिरधारी यादव पर पार्टी कार्रवाई की तैयारी में है. चुनाव आयोग के वोटर लिस्ट रिवीजन के खिलाफ बयान देने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता बताया है.

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jul 24, 2025, 4:35:28 PM

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कार्रवाई की तैयारी - फ़ोटो GOOGLE

DELHI: चुनाव आय़ोग के वोटर लिस्ट रिवीजन (SIR) के खिलाफ बयानबाजी करने और आरजेडी-कांग्रेस के सुर में सुर मिलाने वाले जेडीयू सांसद गिरधारी यादव के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है. जेडीयू ने गिरधारी यादव को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है. उनसे 15 दिनों के अंदर जवाब मांगा गया है कि क्यों नहीं उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की जाये.


बता दें कि सोमवार को बांका से जेडीयू सांसद गिरधारी यादव ने कहा था कि चुनाव आयोग को बिहार के इतिहास और भूगोल का ज्ञान नहीं है. उन्होंने वोटर लिस्ट रिवीजन का विरोध करते हुए इसे रोकने की मांग की थी. गिरधारी यादव ने कहा था कि यह (एसआईआर) हम पर जबरदस्ती थोपा गया है। इसके लिए कम से कम 6 महीने का समय दिया जाना चाहिए था.


पार्टी ने नोटिस जारी किया

गिरधारी यादव के इस बयान से जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार खफा है. ऐसे में जेडीयू ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है. जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव अफाक अहमद खान की ओर से गिरधारी यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. उनसे 15 दिनों में जवाब मांगा गया है. 


पार्टी ने अपने नोटिस में अखबारों में छपे गिरधारी यादव के बयान की कॉपी को संल्गन कर कहा है कि आपने भारत निर्वाचन आयोग ("ECI") द्वारा बिहार में किए जा रहे 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (Special Intensive Revision) पर अपनी राय व्यक्त की है. आप भली-भांति जानते हैं कि संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए माननीय निर्वाचन आयोग ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का आदेश दिया है.


विपक्षी दलों का साथ क्यों दिया?

जेडीयू की नोटिस में कहा गया है कि आप यह भी जानते हैं कि कुछ विपक्षी दल, अपने चुनावी परिणामों से हताश होकर, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के मुद्दे पर विशेष रूप से ECI को बदनाम करने के लिए एक सतत अभियान चला रहे हैं, जिसका उद्देश्य संवैधानिक संस्था की कार्यप्रणाली पर जनता में संदेह पैदा करना है. जबकि  जनता दल (यूनाइटेड), ने हमेशा माननीय निर्वाचन आयोग और EVM के उपयोग का समर्थन किया है — चाहे वह I.N.D.I.A. गठबंधन में रहे हों या अब NDA गठबंधन का हिस्सा बनकर.


पार्टी को शर्मिन्दा किया

सांसद गिरधारी यादव को भेजे गये नोटिस में जेडीयू ने कहा है कि चुनावी वर्ष में आपके द्वारा इस संवेदनशील मुद्दे पर की गई सार्वजनिक टिप्पणी न केवल पार्टी के लिए शर्मिंदगी का कारण बनी है, बल्कि अनजाने में विपक्ष द्वारा लगाए गए आधारहीन और राजनीतिक रूप से प्रेरित आरोपों को भी विश्वसनीयता प्रदान करती है.


कार्रवाई करने की तैयारी

नोटिस में कहा गया है कि जनता दल (यूनाइटेड) गिरधारी यादव की बयानबाजी को अनुशासन की चूक और पार्टी की घोषित नीति के विपरीत मानता है. अतः वे इस नोटिस की प्राप्ति के 15 दिनों के भीतर कारण स्पष्ट करें, अन्यथा उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ की जायेगी.