1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 04, 2026, 7:02:17 AM
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Bihar Mahila Rojgar Yojana : बिहार में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति देने वाली मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को लेकर सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। योजना के तहत दूसरी किस्त जारी करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल महीने के अंतिम पखवारे तक चयनित लगभग 2 लाख जीविका दीदियों के बैंक खातों में 20-20 हजार रुपये की राशि भेज दी जाएगी।
यह योजना ग्रामीण विकास विभाग और जीविका (JEEViKA) के संयुक्त प्रयास से संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार ने इस योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से कुल 2 लाख रुपये तक की सहायता राशि देने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
19 लाख आवेदनों में से चयन प्रक्रिया जारी
दूसरी किस्त के लिए राज्यभर से लगभग 19 लाख जीविका दीदियों ने आवेदन किया है। इनमें से पात्रता मानकों को पूरा करने वाली लगभग 2 लाख महिलाओं को प्राथमिकता सूची में शामिल किया गया है। जीविका द्वारा विकसित एक विशेष मोबाइल ऐप के माध्यम से चयन प्रक्रिया को डिजिटल रूप से पूरा किया जा रहा है।
इस ऐप में उन महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जिन्होंने पहली किस्त की राशि (10 हजार रुपये) प्राप्त कर पहले ही अपना कोई छोटा रोजगार शुरू कर दिया है। सरकार का उद्देश्य है कि सहायता राशि का सही उपयोग सुनिश्चित हो और महिलाएं स्थायी आय का स्रोत विकसित कर सकें।
रोजगार शुरू करने वालों को प्राथमिकता
सरकारी योजना के अनुसार, दूसरी किस्त उन्हीं महिलाओं को दी जाएगी जिन्होंने पहली किस्त से प्राप्त राशि का उपयोग कर कोई स्वरोजगार शुरू किया है। इसके साथ ही उन्हें अपने स्तर से भी कम से कम 5 हजार रुपये का अतिरिक्त निवेश करना होगा। इस मॉडल का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर उद्यमी के रूप में विकसित करना है।
ग्रामीण विकास विभाग की टीम और जीविका संगठन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि लाभार्थियों के रोजगार की वास्तविक स्थिति की मैपिंग की जाए। इसके लिए डिजिटल सिस्टम के माध्यम से डेटा अपडेट किया जा रहा है।
अब तक 1.81 करोड़ महिलाओं को मिल चुकी पहली किस्त
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक लगभग 1.81 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये की पहली किस्त भेजी जा चुकी है। इसके तहत कुल 18,100 करोड़ रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों को ट्रांसफर की गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग सभी पात्र महिलाओं को पहली किस्त का लाभ मिल चुका है, जबकि शहरी क्षेत्रों में अभी भी लगभग 11 लाख से अधिक महिलाओं को राशि वितरित किया जाना बाकी है। इसके लिए नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा सत्यापन प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
किस्तों का पूरा ढांचा
सरकार ने इस योजना को पांच चरणों में लागू करने की व्यवस्था बनाई है। इसमें कुल 2 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी—
पहली किस्त: 10,000 रुपये
दूसरी किस्त: 20,000 रुपये
तीसरी किस्त: 40,000 रुपये
चौथी किस्त: 80,000 रुपये
पांचवीं किस्त: 60,000 रुपये
हर किस्त के साथ लाभार्थियों को स्वयं भी निर्धारित राशि का निवेश करना अनिवार्य है। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि महिलाएं केवल सहायता पर निर्भर न रहें, बल्कि अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
पात्रता और आवश्यक शर्तें
योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को दिया जा रहा है जो निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा करती हैं। इसके अनुसार—
आवेदिका की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
परिवार की परिभाषा में पति-पत्नी और उनके अविवाहित बच्चे शामिल हैं।
अविवाहित वयस्क महिला जिनके माता-पिता जीवित नहीं हैं, उन्हें एकल परिवार माना जाएगा।
आवेदिका या उनके पति आयकर दाता नहीं होने चाहिए।
आवेदिका या उनके पति किसी भी प्रकार की सरकारी सेवा (नियमित या संविदा) में नहीं होने चाहिए।
शहरी क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी सभी महिलाएं इस योजना के लिए पात्र मानी जा रही हैं, बशर्ते एक परिवार से केवल एक महिला को लाभ दिया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य
इस योजना के माध्यम से बिहार सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें छोटे-छोटे उद्योगों से जोड़ना है। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और महिलाओं की आय में स्थायी वृद्धि होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो बिहार में महिला उद्यमिता का एक नया मॉडल तैयार हो सकता है, जो आने वाले वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की दूसरी किस्त को लेकर तेजी से चल रही तैयारी लाखों महिलाओं के लिए आर्थिक राहत और नए अवसर लेकर आने वाली है।