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बिहटा में पीडियाट्रिक एंडोक्राइनोलॉजी कार्यशाला का सफल आयोजन, ग्रोथ हार्मोन थेरेपी पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी

नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज, बिहटा में “ग्रोथ एंड ग्रोथ हार्मोन थेरेपी” पर कार्यशाला आयोजित, विशेषज्ञों ने बच्चों की वृद्धि संबंधी समस्याओं पर दी अहम जानकारी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 24, 2026, 8:38:26 PM

बिहार न्यूज

- फ़ोटो सोशल मीडिया

PATNA:पटना के बिहटा स्थित नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मंगलवार 24 मार्च को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। शिशु रोग विभाग द्वारा “ग्रोथ एंड ग्रोथ हार्मोन थेरेपी”विषय पर एक दिवसीय पीडियाट्रिक एंडोक्राइनोलॉजी कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।


कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के मैनेजिंग डायरेक्टर कृष्ण मुरारी, डॉ. प्रदीप कुमार (एडिशनल प्रोफेसर, पीडियाट्रिक्स, एम्स, पटना), डॉ. अमित कुमार (एडिशनल प्रोफेसर, पीडियाट्रिक्स, आईजीआईएमएस, पटना), प्राचार्य प्रो. (डॉ.) हरिहर दीक्षित, आयोजन अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) बांके बिहारी सिंह (विभागाध्यक्ष, शिशु रोग, एनएसएमसीएच, बिहटा) तथा आयोजन सचिव एवं वर्कशॉप समन्वयक डॉ. श्वेता (असिस्टेंट प्रोफेसर, शिशु रोग विभाग, एनएसएमसीएच, बिहटा) सहित अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।


कार्यशाला में विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा विषय से संबंधित महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सत्र प्रस्तुत किए गए। एम्स, पटना के डॉ. प्रदीप कुमार ने “बच्चों में वृद्धि रुकने की समस्या का आकलन (Approach to a Child with Growth Failure)” विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया, जिसमें उन्होंने समय पर निदान, पोषण स्थिति के मूल्यांकन, पारिवारिक इतिहास एवं हार्मोनल जांच की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। 


आईजीआईएमएस, पटना के डॉ. अमित कुमार ने “वृद्धि हार्मोन थेरेपी (Growth Hormone Therapy)” विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए अंतःस्रावी विकारों, बौनेपन (Short Stature) तथा अन्य वृद्धि संबंधी रोगों की समय पर पहचान एवं उचित उपचार की आवश्यकता पर बल दिया। इसके अतिरिक्त “ग्रोथ चार्ट” एवं “बोन एज” के व्यावहारिक उपयोग पर डॉ. श्वेता, डॉ. प्रदीप कुमार एवं अन्य संकाय सदस्यों द्वारा हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए, जिससे प्रतिभागियों को व्यावहारिक एवं क्लिनिकल अनुभव प्राप्त हुआ।


इस अवसर पर मैनेजिंग डायरेक्टर श्री कृष्ण मुरारी ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार की अकादमिक कार्यशालाएं एमबीबीएस एवं एमडी/एमएस के विद्यार्थियों तथा फैकल्टी के कौशल विकास में अत्यंत सहायक हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि संस्थान भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा, ताकि समाज को बेहतर एवं उन्नत चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा सकें।


प्राचार्य प्रो. (डॉ.) हरिहर दीक्षित ने कार्यशाला को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए मैनेजिंग डायरेक्टर के प्रति आभार व्यक्त किया तथा कहा कि उनके सतत प्रयासों से ही इस प्रकार के ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों का आयोजन संभव हो पाता है। पैनल चर्चा सत्र में प्रो. (डॉ.) अविनाश कुमार सहाय (शिशु रोग विशेषज्ञ, एनएसएमसीएच, बिहटा), डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. अमित कुमार एवं डॉ. श्वेता ने प्रतिभागियों के प्रश्नों के विस्तृत एवं संतोषजनक उत्तर दिए।


इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) अशोक शरण (डायरेक्टर – एचआर), प्रो. (डॉ.) उदय नारायण सिंह (मेडिकल सुपरिंटेंडेंट), प्रो. (डॉ.) रंजीत कुमार सिंह (मेडिकल डायरेक्टर), डीन प्रो. (डॉ.) संजय कुमार, डॉ. नितीश कुमार (एसोसिएट प्रोफेसर, शिशु रोग), डॉ. मुकेश कुमार (प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, माइक्रोबायोलॉजी), डॉ. शैबाल गुहा (एसोसिएट प्रोफेसर, मेडिसिन) सहित संस्थान के कई वरिष्ठ विभागाध्यक्ष एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला का समापन डॉ. रजनीश कुमार (एसोसिएट प्रोफेसर, शिशु रोग, एनएसएमसीएच, बिहटा) द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह कार्यक्रम ज्ञानवर्धक, उपयोगी एवं पूर्णतः सफल रहा, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता दर्ज की।