Vande Mataram: ‘वंदे मातरम्’ पर सरकार ने जारी किए नए नियम, इन कार्यक्रमों में होगा अनिवार्य; जानिए.. नये बदलाव

Vande Mataram: गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर नए नियम जारी किए हैं। अब इसे प्रमुख सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगान से पहले गाना अनिवार्य होगा, साथ ही सम्मान और प्रसारण से जुड़े स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए गए हैं।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Feb 11, 2026, 1:14:20 PM

Vande Mataram

प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google

Vande Mataram: गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी नियमों के अनुसार अब राष्ट्रीय गीत को राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ से पहले गाया या बजाया जाएगा। साथ ही इसे प्रमुख सरकारी कार्यक्रमों में अनिवार्य रूप से शामिल किया गया है।


नए नियमों में कहा गया है कि जहां किसी कार्यक्रम में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों गाए जाएंगे, वहां पहले ‘वंदे मातरम्’ और उसके बाद ‘जन-गण-मन’ होगा। राष्ट्रीय गीत के सभी 6 अंतरे गाना या बजाना अनिवार्य होगा, जिसकी निर्धारित अवधि 3 मिनट 10 सेकंड होगी। वर्तमान में राष्ट्रगान की अवधि 52 सेकंड है।


किन कार्यक्रमों में अनिवार्य होगा राष्ट्रीय गीत

सरकार द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार निम्न अवसरों पर ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य रूप से गाया या बजाया जाएगा। सिविल सम्मान समारोह (जैसे पद्म पुरस्कार कार्यक्रम), आधिकारिक सरकारी समारोह, राष्ट्रपति के किसी कार्यक्रम में आगमन और प्रस्थान के समय, राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले और बाद में (आकाशवाणी और दूरदर्शन पर प्रसारण के दौरान), राज्यपाल/उपराज्यपाल के अपने राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में सरकारी समारोह में आगमन और प्रस्थान के समय, राष्ट्रीय ध्वज को परेड में लाए जाने के अवसर पर और सरकार द्वारा विशेष आदेश जारी किए जाने पर अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, ऐसे अवसरों पर भी राष्ट्रगीत गाया जा सकेगा जो भले औपचारिक न हों, लेकिन मंत्रियों आदि की उपस्थिति के कारण महत्वपूर्ण हों। स्कूलों में भी प्रतिदिन प्रातःकाल राष्ट्रीय गीत बजाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।


बजाने और सम्मान से जुड़े नियम

निर्देशों के अनुसार, जब भी राष्ट्रीय गीत बजाया जाएगा, उसकी शुरुआत मृदंग की ध्वनि से होगी, ताकि लोगों को गीत शुरू होने का संकेत मिल सके। मार्चिंग ड्रिल के दौरान सात धुनें बजेंगी, जो धीरे-धीरे तेज होकर अंत में मंद हो जाएंगी। जब भी राष्ट्रीय गीत गाया या बजाया जा रहा हो, सभी उपस्थित लोगों के लिए सम्मान में खड़ा होना अनिवार्य होगा।


हालांकि, यदि किसी समाचार, फिल्म या वृत्तचित्र में राष्ट्रीय गीत प्रसारित होता है, तो दर्शकों के लिए खड़ा होना अनिवार्य नहीं होगा, ताकि प्रदर्शन में बाधा न आए। इन नए नियमों के साथ सरकार ने राष्ट्रीय गीत के गायन और सम्मान को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश तय कर दिए हैं।