1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 01, 2024, 12:29:46 PM
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PATNA : बिहार के स्वास्थ्य विभाग से एक बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है। जहां कुछ जिलों को छोड़ कर राज्य के शेष जिलों में कार्यरत चिकित्सक समेत सभी स्वास्थ्य कर्मियों का 15 सितंबर तक अवकाश रद्द कर दिया है। इन्हें राज्य में बाढ़ को देखते हुए इसके रोकथाम और निरोधात्मक उपाय के लिए विशेष चौकसी और उपयोग करना है। जिसके चलते अवकाश रद्द किया गया है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव ने आदेश जारी कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि अरवल, औरंगाबाद, बांका, गया, जमुई, जहानाबाद, कैमूर, नवादा और रोहतास जिले को छोड़ कर अन्य जिलों में यह आदेश लागू होगा। इस आदेश में कहा गया कि इन जिलों को छोड़ कर अन्य जिलों में पदस्थापित सभी चिकित्सा पदाधिकारी, सभी स्वास्थ्य कर्मी नियोजित सहित, स्वास्थ्य प्रशिक्षक, पारा मेडकल स्टाफ, जीएनएम, एएनएम, शल्य कक्ष सहायक, लैब तकनीशियन और कार्यालय परिचारी का सभी प्रकार के अवकाश रद्द रहेंगे।
जिसमें मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्राचार्य और अधीक्षक से लेकर निदेशक प्रमुख तक शामिल हैं। अध्ययन अवकाश और मातृत्व अवकाश का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही आदेश में यह भी कहा गया है कि जो चिकित्सा पदाधिकारी या स्वास्थ्य कर्मी अवकाश पर हैं, उन्हें तुरंत अपने कर्तव्य पर योगदान करना है।
आपको बता दें कि, राज्य के कई जिलों बाढ़ जैसे हालात हैं। खास तौर से उत्तर बिहार के जिलों में भारी बारिश से घरों में जलभराव और ग्रामीण इलाकों में बाढ़ की नौबत गई है। कई जिलों के गांवों में खेतों से लेकर घरों तक में पानी भर गया है। ऐसे में ग्रामीणों की स्वास्थ्य सेवाओं के मद्देनजर बिहार सरकार ने सभी सरकारी डॉक्टरों और अस्पतालकर्मियों की छुट्टियों को रद्द करने का ऐलान किया है।