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प्राइवेट स्कूलों से भी काफी आगे है बिहार का यह सरकारी स्कूल, हेडमास्टर को सम्मानित करेंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

1st Bihar Published by: Ranjan Kumar Updated Sep 03, 2024, 11:21:03 AM

प्राइवेट स्कूलों से भी काफी आगे है बिहार का यह सरकारी स्कूल, हेडमास्टर को सम्मानित करेंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

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KAIMUR: बिहार के कैमूर का एक सरकारी स्कूल निजी स्कूलों को आइना दिखा रहा है। कुदरा के न्यू प्राथमिक विद्यालय तरहनी के प्रभारी हेडमास्टर सिकेन्द्र कुमार सुमन का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए किया गया है। जिन्हें दिल्ली में 5 सितंबर को आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। इस स्कूल के बच्चे निजी स्कूल के बच्चों की तरह टाई और बेल्ट लगा कर पढ़ने आते है। 


स्कूल के प्रभारी हेडमास्टर सिकेन्द्र कुमार सुमन ने तरहनी विद्यालय में ऑन लाइन परीक्षा के साथ-साथ निजी विद्यालय के तौर पर कई तरह का व्यवस्था की है। जिसमे क्लास में समय होने पर ऑटोमेटिक घंटी की व्यवस्था, तो 5 क्लास के सभी बच्चों का अपना ईमेल आईडी है। राष्टीय शिक्षक सम्मान पुरष्कार पाने वाले कुदरा के तरहनी विद्यालय के प्रभारी हेडमास्टर सिकेन्द्र कुमार जिले के तीसरे शिक्षक होंगे। 


इसके पहले रामगढ़ प्रखंड से 2021 में मिडिल स्कूल डहरक के हेड मास्टर हरदास शर्मा को राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है। इसके बाद 2023 में रामगढ़ प्रखंड के ही आदर्श बालिका इंटर स्तरीय विद्यालय के प्रधानाध्यापक अनिल कुमार सिंह को राष्टीय पुरस्कार मिला है। कुदरा प्रखंड के न्यू प्राथमिक विद्यालय तरहनी में कुल 52 छात्र का नामांकन है ऐसे में शिक्षा व्यवस्था बेहतर करने को लेकर विद्यालय में हेड मास्टर के साथ शिक्षक काफी प्रयास किये है। 


इस विद्यालय में हेडमास्टर सहित तीन शिक्षक कार्यरत है। जहा बच्चे निजी विद्यालय के तरह टाई और बेल्ट लगा कर पढ़ने आते है। सबसे अहम बात है की यहा के बच्चे मोबाईल पर ऑन लाइन परीक्षा देते है। 5 क्लास के सभी बच्चों का अपना ईमेल आईडी है। ऐसे में विद्यालय के प्रभारी हेडमास्टर के विद्यालय के प्रति लगन से आज राष्टीय शिक्षक सम्मान के लिए चयन किये गए है।


इस संबंध में पुरस्कार के लिए चयनित न्यू प्राथमिक विद्यालय तरहनी के प्रभारी हेडमास्टर सिकेन्द्र कुमार सुमन  ने बताया कि पहली बार में ही राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए नाम चयन होने के बाद काफी खुशी हो रहा है। इस पुरष्कार के लिए हमारे विद्यालय के सभी शिक्षक का भी योगदान है जो हमारे साथ मिलकर अपने पैसे से पढ़ाई के लिए व्यवस्था किये है।