1st Bihar Published by: Ajit Kumar Updated Dec 20, 2024, 2:03:23 PM
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BHAGALPUR: भागलपुर के नाथनगर स्थित एक सरकारी स्कूल में खूब ड्रामा चला। यहां बिना रोस्टर के ही शिक्षा विभाग के डीपीएम (DPM of Education Department) स्कूल का इंस्पेक्शन (school inspection) करने पहुंच गए। उनके साथ एक सस्पेंड बीआरपी भी मौजूद था जिसने स्कूल के शिक्षकों से 10 हजार रुपए की भी डिमांड कर दी थी। फिर क्या था निलंबित बीआरपी के साथ स्कूल निरीक्षण करने पहुंचे व अवैध वसूली के आरोप पर ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के डीपीएम को बंधक बना लिया।
दरअसल, पूरा मामला नाथनगर प्रखंड के मध्य विद्यालय नयाचक है। शिक्षा विभाग के डीपीएम अमित कुमार वर्मा बुधवार को मध्य विद्यालय नयाचक का निरीक्षण करने पहुंचे थे। रोस्टर के हिसाब से मध्य विद्यालय नयाचक के इंस्पेक्शन की लिस्ट में डीपीएम अमित कुमार वर्मा का नाम नहीं था। इस दौरान उनके साथ कहलगांव प्रखंड के सेवामुक्त बीआरपी गौरव कुमार भी मौजूद था।
स्कूल के सहायक शिक्षक संजीव कांत ठाकुर ने बताया कि सेवा मुक्त बीआरपी गौरव कुमार के साथ जिला शिक्षा विभाग के डीपीएम अमित कुमार दोपहर 12:30 के करीब निरीक्षण करने पहुंचे थे जबकि निरीक्षण रोस्टर के अनुसार उनका नाम नहीं था। इस दौरान उनके मुंह से शराब पीने की भी गंध आ रही थी। उन्होंने आते ही सीधे कहा कि सर आए हुए हैं उन्हें 10 हजार रूपए दे दीजिए। लेकिन जब सभी शिक्षक स्कूल में उपस्थित थे, तो किसी को पैसा क्यों देते।
इस दौरान डीपीएम अमित कुमार वर्मा स्कूल की छत के खुले बालकनी में सिगरेट पीते हुए नजर आए। इसके बाद ग्रामीणों ने डीपीएम अमित कुमार वर्मा एवं उनके साथ आए सेवा मुक्त बीआरपी गुंजन कुमार को बंधक बना लिया गया। वहीं इस घटना को लेकर मध्य विद्यालय नयाचक प्रधानाध्यापक आनंद प्रकाश ने बताया कि डीपीएम के साथ आए अनाधिकृत व्यक्ति द्वारा कहा गया कि डीपीएम साहब निरीक्षण में आए हैं, उन्हें पैसा दे दीजिए और रजिस्टर लेकर नीचे चले गए।
उन्होंने बताया कि इसकी लिखित सूचना ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर के माध्यम से प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को भी दी गई है। साथ ही साथ जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी दी जाएगी। इस घटना के बाद स्कूल परिसर में काफी संख्या में ग्रामीणों का जमावड़ा लगा रहा। स्कूल परिसर में करीब एक घंटे तक ड्रामा चला। ग्रामीण और स्कूल के द्वारा इसकी सूचना थाने को भी दी गई। मौके पर कजरेली थाना की पुलिस पहुंच कर मामले को शांत कराया।