Hindi News / news / MLC Oath Ceremony : अब नए साल में होगा MLC वंशीधर व्रजवासी का...

MLC Oath Ceremony : अब नए साल में होगा MLC वंशीधर व्रजवासी का शपथ ग्रहण समारोह, जानिए किस वजह से अचानक टला कार्यक्रम

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 27, 2024, 12:59:03 PM

MLC Oath Ceremony : अब नए साल में होगा MLC वंशीधर व्रजवासी का शपथ ग्रहण समारोह, जानिए किस वजह से अचानक टला कार्यक्रम

- फ़ोटो

PATNA : बिहार के तिरहुत स्नातक उपचुनाव में शिक्षक नेता वंशीधर बृजवासी ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की। उन्होंने जेडीयू-आरजेडी और जन सुराज पार्टी के उम्मीदवारों को करारी शिकस्त देकर विधान परिषद में खुद के लिए जगह फिक्स करवाया। इसके बाद अब आज इनका विधान परिषद में शपथ ग्रहण समारोह तय हुआ था। लेकिन,अब यह कार्यक्रम टल गया है या कहें की आज के लिए रद्द कर दिया गया है। 


वंशीधर बृजवासी के शपथ ग्रहण समारोह को आज के लिए रद्द करने को लेकर विधान परिषद सचिवालय के तरफ से पत्र भी जारी किया गया है और इसमें कहा गया है कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ० मनमोहन सिंह के सम्मान में 07 (सात) दिनों की राजकीय शोक घोषित किया गया है। ऐसे में इस अवधि में कोई भी राजकीय समारोह एवं सरकारी मनोरंजन से संबंधित कार्यक्रम आयोजित नहीं करने की सूचना प्राप्त हुई है। 


ऐसे में सरकारी निर्देशों का पालन करते हुए बिहार विधान परिषद् ने आज दिनांक- 27.12.2024 को 1:00 बजे अपराहन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह को स्थगित कर दी गई है है। आगामी शपथ ग्रहण की तिथि निर्धारित होने पर सुचना दिया जाएगा। इससे पहले कल शाम पत्र जारी कर शपथ ग्रहण का समय तय किया गया था, लेकिन अब इसे रद्द कर दिया गया है। 


इधर, केंद्रीय कैबिनेट की बैठक खत्म हो गई है।इस बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के देश को योगदान को याद किया गया और एक शोक प्रस्ताव भी पारित किया गया। आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के लिए भारत रत्न की मांग की है।  वहीं, देश के पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के बाद उनके साथ यूपीए-1 और यूपीए-2 कैबिनेट में सहयोगी रहे सुबोध कांत सहाय ने उन्हें याद किया है। सहाय ने कहा,'पूर्व पीएम का झारखंड से गहरा लगाव रहा है। मनरेगा की लॉन्चिंग के लिए उन्होंने झारखंड को ही चुना था. यह पहली योजना थी, जो तब कम से कम 100 दिनों के रोजगार की गारंटी मजदूरों को देती है।