ओवैसी के लिए भाजपा से भिड़ गए उपेंद्र कुशवाहा, कहा.. वंदे मातरम तो मुझे भी नहीं आता

1st Bihar Published by: Updated Dec 04, 2021, 2:46:13 PM

ओवैसी के लिए भाजपा से भिड़ गए उपेंद्र कुशवाहा, कहा.. वंदे मातरम तो मुझे भी नहीं आता

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PATNA : एआईएमआईएम के विधायक अख्तरुल इमान के वन्देमातरम वाले बयान के समर्थन में अब जेडीयू उतर गया है. एक ओर अख्तरुल इमान के वन्देमातरम नहीं गाने को लेकर विवाद मचा है. भाजपा देशद्रोही बता रही है तो जेडीयू के उपेंद्र कुशवाहा ने कह दिया कि उन्हें भी वन्देमातरम नहीं आता. यह कोई बड़ी बात नहीं है. गांव में बहुत से लोगों को वंदे मातरम नहीं आता है. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रगीत तो मुझे भी नहीं आता तो क्या मैं देशद्रोही हूं. देश की सेवा करने का अधिकार केवल राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत गाने से नहीं होता है बल्कि उसकी सच्ची सेवा करने से होता है. 


क्या कहा था अख्तरुल इमान ने 

बता दें कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन राष्ट्रगीत गाने को लेकर बवाल हुआ. सदन के अंदर ओवैसी के विधायकों ने राष्ट्रगीत गाने से मना कर दिया. एआईएमआईएम विधायक अख्तरुल इमान ने वंदे मातरम गाने को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने दलील देते हुए कहा कि संविधान में कहीं नहीं लिखा है कि राष्ट्रीय गीत गाना जरूरी है.


बीजेपी ने साधा निशाना 

वहीं इस मामले पर बीजेपी नेता और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी. असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधते हुए उन्‍होंने कहा कि उनके नेता ही जब ऐसे हैं तो विधायक से क्‍या उम्‍मीद की जा सकती है.


गौरतलब है कि बिहार में भाजपा जेडीयू का गठबंधन है. ऐसे में  JDU संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष और नीतीश कुमार के बेहद ख़ास माने जाने वाले उपेन्द्र कुशवाहा यह बयान मायने रखता है. भाजपा जहां इस  मुद्दे को लेकर विरोध कर रही है तो जेडीयू उसका समर्थन करते हुए दिख रहा है. बिहार में एनडीए गठबंधन में सब कुछ ठीक-ठाक होने के दावा करने वाले लोग अब ओवैसी के विधायक के बयान पर एक दूसरे के सामने खड़े हो गए हैं. ओवैसी के विधायक ने सदन में अपनी आपत्ति जताई तो विधानसभा के बाहर जेडीयू के नेता उसे सही बताने में जुटे हैं. 


अब सवाल यह उठता है कि क्या बीजेपी और विधानसभा अध्यक्ष की नजरों में जो गलत है, वही जनता दल यूनाइटेड के नजरों में सही है. बात देशद्रोही और देशभक्त का है. ऐसे में बीजेपी इसे राष्ट्र के अपमान से जोड़कर देख रही है तो जेडीयू इसे व्यक्तिगत मामला बता रहे हैं