1st Bihar Published by: Updated Dec 03, 2021, 11:52:56 AM
- फ़ोटो
PATNA : बिहार विधानसभा में प्रश्नोत्तर काल के दौरान आज अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई. दरअसल विधानसभा के इतिहास में संभवत ऐसा पहली बार हुआ कि किसी दिवंगत विधायक ने सदन में सवाल किया हो. पिछले दिनों वीआईपी पार्टी के विधायक के मुसाफिर पासवान का निधन हो गया.
मुसाफिर पासवान इलाज करा रहे थे और अस्पताल में वह वेंटिलेटर पर थे. उसी दौरान उनकी तरफ से एक सवाल विधानसभा सचिवालय को भेजा गया था. अब शीतकालीन सत्र के दौरान वह सवाल सदन में आ गया. विधानसभा सचिवालय ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया कि सदस्य का निधन हो चुका है. मुसाफिर पासवान में पशु और मत्स्य संसाधन विभाग से सवाल पूछा था. मुजफ्फरपुर के वो चाहा विधानसभा क्षेत्र से चुनकर आने वाले मुसाफिर पासवान ने अपने विधानसभा क्षेत्र में मछली पालन के लिए प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना से जुड़ा सवाल पूछा था लेकिन सवाल का जवाब लेने से पहले वह इस दुनिया से चले गए.
विधानसभा में इस सवाल के आने के बाद आरजेडी के विधायक ललित यादव ने आपत्ति जताई. ललित यादव ने कहा कि मुसाफिर पासवान को सदन श्रद्धांजलि दे चुका है. एक दिवंगत सदस्य का सवाल सदन में कैसे आ सकता है. विधानसभा सचिवालय को इस पर ध्यान देना चाहिए. हैरत की बात यह है कि जब मुसाफिर थे तो वह सवाल पूछ सकते हैं इस पूरे मामले के सामने आने के बाद विधानसभा अध्यक्ष भी हैरत में पड़ गए. उन्होंने तत्काल सदन को भरोसा दिया कि इस मामले की जांच करवाएंगे.
शीतकालीन सत्र के दौरान सदस्यों की तरफ से पूछे गए सवालों का जवाब ऑनलाइन आने को लेकर स्पीकर विजय कुमार सिन्हा बार-बार सदन को जानकारी देते रहे. विधानसभा अध्यक्ष की तरफ से यह जानकारी दिए जाने के बाद बेनीपुर से विधायक के विनय कुमार चौधरी ने कहा कि ऑनलाइन तरीके से जवाब तो आ रहे हैं, लेकिन सारे जवाब गोलमोल है. सवालों का सही सही जवाब नहीं मिलने से सदस्यों को सहूलियत नहीं हो रही है. विधायक के विनय कुमार चौधरी ने आरोप लगाया कि विधायक सवाल कुछ और पूछते हैं और जवाब कुछ और आता है.