किशनगंज में बसे बाहरी लोगों की जमीन के कागजातों की होगी जांच, बिहार विधानसभा में विजय सिन्हा का बड़ा एलान

Bihar News: बिहार सरकार ने किशनगंज जिले में बाहर से आए लोगों द्वारा स्थानीय जमीनों पर अवैध कब्जे की जांच के लिए विशेष समिति गठित की है। डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने विधानसभा में ऐलान किया।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Feb 27, 2026, 4:30:46 PM

Bihar News

- फ़ोटो Google

Bihar News: बिहार सरकार ने नेपाल और बांग्लादेश की सीमा से सटे सीमांचल क्षेत्र में अवैध कब्जा और घुसपैठ के मामलों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र में डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने ऐलान किया कि मुस्लिम बाहुल्य किशनगंज जिले में बाहर से आए लोगों द्वारा स्थानीय जमीनों पर कब्जे की जांच के लिए विशेष समिति गठित की जाएगी।


ठाकुरगंज से जदयू विधायक नीरज अग्रवाल ने सदन में गैर-सरकारी संकल्प के माध्यम से यह मामला उठाया। उन्होंने कहा कि दिघलगंज प्रखंड में बीते 40 सालों में भूदान की जमीनें, जो स्थानीय दलित, आदिवासी और गरीब मुस्लिमों के नाम पर थीं, उन पर बाहरी लोग कब्जा कर चुके हैं। विधायक के अनुसार, वर्तमान में दिघलबैंक प्रखंड की लगभग 90 प्रतिशत जमीनें पिछले 10 सालों में मालदा और मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल) से आए लोगों के कब्जे में चली गई हैं।


विधायक ने राज्य सरकार से इन जमीनों का भौतिक निरीक्षण कराकर अवैध कब्जा मुक्त कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह समस्या पूरे किशनगंज जिले में व्याप्त है और ठाकुरगंज विधानसभा भारत के चिकन नेक क्षेत्र में स्थित होने के कारण राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।


शुरुआत में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री सह डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा कि जिलाधिकारी से मिली रिपोर्ट में मालदा और मुर्शिदाबाद से आए बाहरी लोगों द्वारा कब्जा करने का कोई विशिष्ट मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी जमीन का अवैध हस्तांतरण या खरीद-बिक्री होने पर जमाबंदी और बंदोबस्ती को रद्द किया जाएगा और सरकार को पूरा अधिकार होगा।


हालांकि, डिप्टी सीएम ने माना कि विधायक द्वारा उठाई गई चिंता सही है और इसके बाद विशेष समिति गठित कर किशनगंज जिले में अवैध कब्जा मामलों की जांच कराने का आश्वासन दिया। इस कदम से सीमांचल क्षेत्र में जमीन पर अवैध कब्जा रोकने और बाहरी लोगों द्वारा स्थानीय निवासियों की संपत्ति हड़पने की शिकायतों का निपटारा करने की उम्मीद जताई जा रही है।