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ACS S Siddhartha : नालंदा के स्कूल में अकेले पहुंचे ACS एस सिद्धार्थ, बच्चों के साथ प्रार्थना कर पूछे कई सवाल

ACS S Siddhartha : एसीएस एस सिद्धार्थ नालंदा के नूरसराय के सरदारबिगहा स्कूल स्कूल में बिना तामझाम के अकेले पहुंच गए और सामान्य व्यक्ति के रूप में प्रार्थना की कतार में शामिल हो गए।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jan 31, 2025, 12:20:33 PM

ACS S Siddhartha

ACS S Siddhartha - फ़ोटो GOOGLE

ACS S Siddhartha : सरल और सौम्य स्वभाव के लिए चर्चित बिहार के शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ का एक नया सामने आया है। शिक्षा विभाग के एसीएस नालंदा के नूरसराय के सरदार बिगहा स्कूल में बिना किसी सरकारी तामझाम के अकेले पहुंच गए और सामान्य व्यक्ति के रूप में प्रार्थना की कतार में शामिल हो गए। हालांकि, कुछ शिक्षकों ने उन्हें पहचान लिया। उसके बाद एसीए बच्चों और शिक्षकों से रूबरू हुए और विद्यालय में पठन पाठन समेत सभी प्रकार की व्यवस्था का जायजा लिया। 


जानकारी के अनुसार एसीएस के स्कूल तक पहुंचने से कुछ दूर पहले ही उनकी सरकारी वाहन को रोक दिया गया और वह अकेले पैदल सरदार बिगहा स्कूल पहुंचे गए। इस वजह से एसीएस के आने का पता किसी को नहीं चला। लेकिन स्कूल में मौजूद शिक्षक द्वारा पहचान लिए जाने के बाद उन्होंने बच्चों से शिक्षा, सुविधा, एमडीएम, नया मेनू, अन्य सरकारी योजनाओं की जानकारी छात्रों के साथ साथ शिक्षकों से ली। सफाई कम होने पर इसकी महत्ता बतायी। साथ ही, नियमित रूप से सफाई करने व कराने का आदेश दिया।


मालूम हो कि,इससे पहले सरकार ने यह तय किया है कि बिहार के सरकारी विद्यालयों में 15 फरवरी से बच्चों के मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) का मेन्यू बदल जाएगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि मिड-डे मील का नया मेन्यू 15 फरवरी से प्रभावी होगा। नये मेन्यू में सप्ताह में दो दिन की जगह अब एक ही दिन शनिवार को स्कूलों में बच्चों को खिचड़ी देने का प्रावधान किया गया है। इसको लेकर सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी किया गया है। मालूम हो कि पहले शनिवार और बुधवार को बच्चों को खिचड़ी दी जाती है।


इधर, प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की संख्या से संबंधित नए मानक तय किए गए हैं। तय मानक के अनुसार प्राथमिक विद्यालय कक्षा 1 से 5 में प्रधान शिक्षक समेत कम से कम पांच शिक्षक होने जरूरी हैं।वहीं कक्षा 1 से 8 तक चलने वाले मध्य विद्यालयों में प्रधानाध्यापक समेत कम से कम नौ शिक्षकों का होना जरूरी है।