1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 03, 2025, 10:09:19 AM
Bihar Inter Exam 2025 - फ़ोटो REPOTER
Bihar Inter Exam 2025 : अगर आप भी बिहार बोर्ड इंटर की परीक्षा दे रहे हैं। लेकिन किसी कारणवश आपका एग्जाम छूट गया है तो आप यह सोच रहे हैं कि अब आपका क्या होगा, क्या आपको फिर से एक साल का इंतजार करना होगा और न जानें कितने सवाल मन मस्तिष्क में घूम रहे होंगे। तो आज हम आपको इन्हीं में से कुछ सवालों का जवाब यहां बताने का प्रयास करेंगे।
दरअसल, इंटर एग्जाम सेंटर पर देरी से पहुंचने के कारण आपका भी एग्जाम छूट गया है तो घबराएं नहीं। बिहार बोर्ड ने इसके लिए नया प्लान बनाया है। जिसके तहत ऐसे छात्र-छात्राओं को एक और मौका दिया जाएगा। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति मैट्रिक और इंटर की वार्षिक परीक्षा 2025 से वंचित छात्रों के लिए विशेष परीक्षा आयोजित करेगी और यह परीक्षा अप्रैल में होगी। इसमें वैसे छात्र-छात्राएं जो परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचने के कारण परीक्षा नहीं दे सके थे उन्हें इस विशेष परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलेगा।
इसके अलावा इंटर और मैट्रिक का परिणाम जारी होने के एक सप्ताह बाद ही कंपार्टमेंटल-सह-विशेष परीक्षा की प्रक्रिया शुरू होगी। समिति ने बताया कि ऐसे पंजीकृत छात्र, जिन्होंने स्कूल या कॉलेज द्वारा आयोजित सेंटअप परीक्षा उत्तीर्ण की थी, लेकिन शिक्षण संस्थान के प्रधान की लापरवाही के कारण उनका ऑनलाइन आवेदन नहीं भरा जा सका, उन्हें भी यह विशेष अवसर मिलेगा। विशेष परीक्षा का आयोजन अप्रैल तक किया जाएगा, और इसका परिणाम मई या जून में प्रकाशित करने का लक्ष्य रखा गया है।
मालूम हो कि, बिहार में इंटरमीडिएट यानी 12वीं बोर्ड की परीक्षा शनिवार से शुरू हो गई। ऐसे में यह देखने को मिला था कि देरी से परीक्षा केंद्र पहुंचने की वजह से कई छात्र एग्जाम से वंचित रह गए। पटना के विभिन्न सेंटरों पर गेट बंद होने के बाद बड़ी संख्या में छात्र और छात्राएं मायूस नजर आए। वे बाहर से गुहार लगाते रहे, लेकिन वीक्षकों ने उनकी एक न सुनी।
बता दें कि इंटर परीक्षा की पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 12:45 बजे तक होने वाली थी। इस परीक्षा में के लिए छात्रों को 9:00 बजे तक परीक्षा केंद्र पहुंचना था। 9 बजे के बाद परीक्षा केंद्रों के गेट बंद कर दिए गए। वहीं देर से पहुंचने वाले छात्रों को प्रवेश नहीं मिला। उन्होंने परीक्षा केंद्र के कर्मचारियों से प्रवेश की गुहार लगाई, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई।