निर्मली एएनएम ट्रेनिंग स्कूल के प्रिंसिपल पर महिला शिक्षिकाओं की तस्वीरें रखने का आरोप, DM ने दिये जांच के आदेश

सुपौल के निर्मली स्थित एएनएम ट्रेनिंग स्कूल में प्रिंसिपल मोहम्मद साजिद इकबाल कैफी के मोबाइल से महिला शिक्षिकाओं की कथित निजी तस्वीरें मिलने पर हंगामा मच गया। शिक्षिकाओं की शिकायत के बाद डीएम सावन कुमार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 21 Feb 2026 05:29:27 PM IST

बिहार न्यूज

जांच में जुटी पुलिस - फ़ोटो सोशल मीडिया

SUPAUL: सुपौल के निर्मली ए.एन.एम. ट्रेनिंग स्कूल सह छात्रावास में उस वक्त हड़कंप मच गया जब वहां के प्रिंसिपल मोहम्मद साजिद इकबाल कैफी के मोबाइल से एक साथ कई महिला शिक्षिकाओं की तस्वीरें मिलने का मामला सामने आया।


मिली जानकारी के मुताबिक, ड्यूटी के दौरान प्रिंसिपल अपने मोबाइल में एक तस्वीर को ज़ूम कर देख रहे थे। इसी दौरान वहां से गुजर रही एक महिला शिक्षिका की नजर उनके मोबाइल स्क्रीन पर पड़ गई। स्क्रीन पर अपनी और अन्य महिला शिक्षिकाओं की तस्वीरें देखकर महिला टीचर ने आपत्ति जताई। देखते ही देखते मामले ने तूल पकड़ लिया। अन्य महिला टीचर्स और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और फिर इस बात की सूचना पुलिस को दी गयी।


प्रिसिंपल पर महिला टीचरों ने यह आरोप लगाया कि उनके मोबाइल की गैलरी की जब जांच की गयी तो उसमें दो महिला शिक्षिका की अलग-अलग एंगल से ली गयी करीब 150 तस्वीरें मिली। शिक्षिका ने आरोपी प्रिसिंपल पर कार्रवाई की मांग की। जिसके बाद डीएम सावन कुमार ने इस मामले की जांच के आदेश दिये।  एएनएम ट्रेनिंग स्कूल की दो महिला शिक्षिका का आरोप है कि हम लैब में गए तो प्रिंसिपल सर ने बिना पूछे वीडियो बनाना शुरू कर दिया। 


जब कैमरा खुलवाया तो मोबाइल में हमलोगों की 100-150 तस्वीरें मिलीं। इन तस्वीरों को देखकर हम भी हैरान हैं। मामला सामने आने के बाद से हम खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।  शिक्षिकाओं ने प्रभारी प्रिंसिपल मौलाना साजिद इकबाल कैफी पर प्राइवेट फोटो खींचने और  सुरक्षा में लापरवाही और प्रशासनिक गड़बड़ियों के गंभीर आरोप भी लगाया है। वही वहीं आरोपी प्रिंसिपल का कहना है कि उनके मोबाइल गैलरी में जो भी फोटो थे, उसे डिलीट कर दिए हैं। हालांकि उनका यह भी कहना था कि बाद में उन तस्वीरों को इंस्टाग्राम से डाउनलोड किया था। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे एसडीएम, एसडीपीओ, बीडीओ, सीओ और स्थानीय थाने की पुलिस ने शिक्षिकाओं की बातें सुनी और कार्रवाई का भरोसा जताया।